Raipur News : बीते दस वर्षों से तीन गांवों के 18 कृषक मुआवजा के लिए भटक रहे हैं।
Raipur News : बीते दस वर्षों से तीन गांवों के 18 कृषक मुआवजा के लिए भटक रहे हैं। लखना, धरसींवा, पंडरभट्ठा, खैरखूट, सुंगेरा, भूमिया मार्ग के चौड़ीकरण के लिए ग्रामीणों की जमीन 10 साल पहले अधिग्रहित की गई थी। धरसींवा से सोमनाथ बाईंपास रोड डामरीकरण व चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी ने 18 किसानों की कृषि
प्रकरण की फाइल ही नहीं पहुंची थी
मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने 4 साल पहले कलेक्टर को मांग पत्र दिया, तो पता चला मुआवजा प्रकरण विभाग तक नहीं पहुंचा है। तत्कालीन पटवारी की लापरवाही से प्रकरण मुआवजा समय पर बनाकर नहीं भेजा गया। किसानों को 10 साल सिर्फ घुमाया जा रहा है। सड़क निर्माण 25 किमी का पूरा हुए 10 वर्ष बीत गए। पटवारी 2018 में मुआवजा प्रकरण तैयार कर भू-अर्जन विभाग भेजा गया था। इसके बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा।
मामले की शिकायत किसानों ने कलेक्टर, एसडीएम, पीडब्ल्यूडी विभाग में भी की है। किसानों का कहना है पीडब्ल्यूडी के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि मामला काफी पुराना है। जबकि सड़क निर्माण के पहले शासन से अधिग्रहण सूचना जारी की गई थी, जो समाचार पत्रों में भी प्रकाशित की गई थी।
इन किसानों को नहीं मिला मुआवजा
ग्राम पंडरभट्ठा टीकम वर्मा, जीवन राम, इंदर जैन, ग्राम भेरवा के रोमन कुमार, टोपी सिंह वर्मा, होलसाय वर्मा, सुखी वर्मा, हेमराम वर्मा, अवधरा वर्मा, भगवान वर्मा, नरसिंग वर्मा अनंत निषाद, शिवकुमार वर्मा, दुष्यंत वर्मा, आनंद वर्मा, चंद्रिका, ग्राम खैरखूंट के संतोष कुमार साहू, बुधरा साहू, बेनीराम साहू, भगेला साहू, टिकाराम साहू, हरिराम निषाद, दस निषाद, रामभगत अग्रवाल, किरण देव मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
अधिकारी झाड़ रहे पल्ला
कुछ किसानों का मुआवजा वितरण नहीं हुआ था, जिसके बाद किसानों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश के बाद किसानों का अधिग्रहण प्रकरण 2018 में शुरू हुआ था। विभाग के पास राशि 2022 में आई है। मुआवजा वितरण के दौरान किसानों ने नए नियम के मुताबिक 4 गुना मुआवजा मांगा है। जबकि हाईकोर्ट ने दो गुना का आदेश दिया था। किसानों ने कुछ दिन पहले 2 गुना मुआवजा के लिए सहमति दी है। अभी प्रारुप ’क’ में प्रकाशन के लिए फाइल कलेक्ट्रेट गई है। सार्वजनिक सूचना प्रकाशन कर जल्द मुआवजा वितरण किया जाएगा।
- देवेंद पटेल, एसडीएम, रायपुर