
रायपुर. राजधानी के थोक और चिल्हर किराना बाजारों में कई सामानों की शार्टेज अभी भी बनी हुई हैं। सामानों की किल्लत दूर करने के लिए थोक कारोबारियों ने कंपनी डिपो को खुलवाने की मांग जिला प्रशासन के सामने रखी हैं। पत्रिका से बातचीत में कलेक्टर एस. भारतीदासनने कहा कि इस मामले में खाद्य सामग्री निर्माता कंपनियों के डिपो मैनेजर एडीएम को आवेदन दे सकते हैं, जिसके बाद प्रकरणों के मुताबिक निर्णय लिया जाएगा।
इधर, डूमरतराई थोक बाजार के कारोबारियों का कहना है कि बाजार में हालात सामान्य होने में एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग सकता है। हालांकि अभी भी कंपनियों के डिपो से दिक्कतें आ रही है। कुछ कंपनियों के डिपो जरूर खुले हैं, ज्यादातर डिपो अभी भी बंद होने की वजह से थोक बाजारों को सामनों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। गोलबाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष दिनेश साहू ने कहा कि गुरूवार को कुछ सामानों की सप्लाई बेहतर हुई हैं। सभी वैरायटी अभी भी दुकानों में नहीं है।
बाहरी जिलों के लिए सुबह की टाइमिंग में बदलाव की मांग
प्रदेश कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) से मांग की है कि सभी जिलों में माल अनलोडिंग के लिये अलग अलग समय निर्धारित की जाए। उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया कि रायपुर में किराना, फ्रूट सब्जी होलसेल बाजार को रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक लोडिंग-अनलोडिंग की स्वीकृति दी गई है और लगभग सभी जिला कलेक्टरों ने इसी आदेश को आगे बढ़ा दिया है। इस समय से व्यावहारिक कठिनाई आ रही है।
छत्तीसगढ़ की होलसेल मंडी रायपुर में है, यहां से वह व्यक्ति जो सुबह 4 बजे माल लेकर निकलता है वह अलग-अलग दूरी के हिसाब से वह अलग-अलग समय पर पहुंचता है। तो वहां माल अनलोडिंग करने की परेशानी होती है। व्यवहारिकता को ध्यान में रखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया जाना चाहिए कि रायपुर से निकली हुई गाडिय़ों को उनके उस जिले में आने के हिसाब से अनलोडिंग का समय तय किया जाए ताकि उन्हें होलसेल माल आगे भेजने में तकलीफ ना हो।