Fire Accident: ओडिशा के कटक में स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में अब तक 10 मरीजों की जलकर मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जानकारी के अनुसार आग ट्रॉमा केयर आईसीयू (ICU) […]
Fire Accident: ओडिशा के कटक में स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में अब तक 10 मरीजों की जलकर मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जानकारी के अनुसार आग ट्रॉमा केयर आईसीयू (ICU) वार्ड में सोमवार तड़के लगी।
जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इस हादसे में कुछ अस्पताल कर्मचारी भी झुलसे हैं और कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
आपको बता दे एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पूर्वी भारत के प्रमुख और बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है, जहां ओडिशा सहित आसपास के राज्यों के मरीज भी इलाज के लिए पहुंचते हैं। इस तरह के बड़े अस्पतालों में ट्रॉमा केयर और ICU वार्ड अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं, जहां गंभीर मरीजों का इलाज होता है।
देशभर में अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिनमें अधिकतर मामलों में शॉर्ट सर्किट, ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम में गड़बड़ी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रमुख कारण रहे हैं। ICU जैसे वार्डों में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिकल उपकरण और ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम होने के कारण आग लगने का खतरा अधिक रहता है। फायर सेफ्टी मानकों के तहत अस्पतालों में नियमित ऑडिट, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और कर्मचारियों की ट्रेनिंग अनिवार्य होती है, लेकिन कई बार इन नियमों के पालन में लापरवाही सामने आती है,