Lift-Escalator System: राज्य सरकार ने लिफ्ट और एस्केलेटर की स्थापना को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत 30 दिन के भीतर अनुमति देने का नियम लागू किया है।
Lift-Escalator System: अजय रघुवंशी. राज्य सरकार ने लिफ्ट और एस्केलेटर की स्थापना को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत 30 दिन के भीतर अनुमति देने का नियम लागू किया है। इस पूरी प्रक्रिया को ऑफलाइन से हटाकर ऑनलाइन कर दिया गया है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि अनुमति देने के बाद इसकी जांच के लिए जो नियम बने हैं, वह पांच साल में एक बार का है। यानि पांच साल में लिफ्ट संचालन, रखरखाव को लेकर मुख्य विद्युत निरीक्षणालय विभाग में ऑनलाइन नवीनीकरण कराना है।
पत्रिका ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में पाया कि राज्य के अलग-अलग जिलों में व्यावसायिक भवन, शॉपिंग मॉल, मल्टीस्टोरी फ्लैट, सरकारी भवनों में डेढ़ लाख से अधिक लिफ्ट लगी हैं, लेकिन 95 फीसदी से अधिक लिफ्ट में विभाग की न तो कोई जांच की रिपोर्ट चस्पा की गई है और न ही कोई फोन नंबर।
लिफ्ट खराब होने पर लोगों की सुरक्षा का कोई भरोसा नहीं है। सरकार ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लिफ्ट को इंस्टाल करने की समय-सीमा तो तय कर दी है, लेकिन नियमित जांच को लेकर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
लिफ्ट-एस्केलेटर यहां भी: सरकारी भवन, शापिंग मॉल, मल्टी रि-टेल स्टोर्स, हॉस्पिटल, एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन, मंत्रालय, इंद्रावती भवन आदि।
लिफ्ट में इनकी अनिवार्यता जरूरी: कंपनी के टोल फ्री नंबर के अलावा सर्विस मैन का नंबर। लिफ्ट इंस्टाल होने के बाद मुख्य विद्युत निरीक्षालय का सर्टिफिकेट चस्पा करना। सर्विस, मेंटेनेंस व निरीक्षण की जानकारी उल्लेखित करना। बिल्डर, ठेकेदार, कमर्शियल कॉम्पलेक्स के प्रबंधकों के नंबर
हादसों पर कौन होगा जिम्मेदार, तय नहीं: लोक सेवा गारंटी के मुताबिक लिफ्ट और एस्केलेटर के आवेदनों पर 30 दिन के भीतर सुनवाई नहीं होने पर अधिकारी-कर्मचारी दोषी होंगे, लेकिन यह तय नहीं किया गया कि यदि लिफ्ट में हादसे हुए तो इसके लिए लिफ्ट कंपनी दोषी है या भवन के मालिक या ठेकेदार।
पत्रिका ने पाया कि इंद्रावती भवन में पांच हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी काम करते हैं। यहां लिफ्ट में न तो कोई हेल्पलाइन नंबर लिखा है और न मुख्य विद्युत निरीक्षणालय का कोई सर्टिफिकेट चस्पा है।
मुख्य विद्यालय मुख्य विद्युत निरीक्षक एसके नेताम ने कहा की निरीक्षालय लिफ्ट, एस्केलेटर को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शामिल किया गया है, जिसमें आनलाइन आवेदनों पर 30 दिनों के भीतर जांच के बाद स्वीकृत करना है। नवीनीकरण व जांच के लिए 5 वर्ष की समय-सीमा निर्धारित की गई।