
रायपुर। CG Diwali 2023: दिवाली जैसे त्योहार में वार्डों की सफाई चौपट है और नगर निगम का पूरा अमला चुनाव में व्यस्त है। झाडू केवल शहर की मेन सड़कों और बाजारों तक ही सिमटकर रहा गया है। जबकि नगर निगम वार्डों की सफाई ठेके पर हर माह करोड़ रुपए का भुगतान करता था। परंतु सफाई के नाम पर महीना-पंद्रह दिन में केवल खानापूर्ति कराई जा रही है। शहर में कई हिस्से में 15 दिनों से सफाई कामगार नदारद हैं। वार्ड पार्षद अपने-अपने पार्टियों के प्रचार में लगे हैं। ऐसे में निगरानी का पूरा सिस्टम चरमराया हुआ है।
दिवाली पर्व नजदीक होने से घर-घर साफ-सफाई और रंगाई-पोताई का काम जोरों पर चल रहा है। दूसरी तरफ मोहल्ले और कॉलोनियों की नालियां कचरे से बजबजा रही हैं। क्योंकि पिछले 15 दिनों से न तो साफ-सफाई की कोई मॉनिटरिंग हो रही है और न ही ठेकेदार कामगारों को लगाकर वार्ड-दर-वार्ड सफाई करा रहा है। जबकि यह काम कराने के लिए नगर निगम प्रशासन वार्ड की जनसंख्या के अनुपात में किसी वार्ड में 35 तो किसी-किसी में 40 से 45 कामगाराें के हिसाब से ठेका दे रखा है। महीना पूरा होने पर भुगतान सीधे सफाई ठेकेदारों को तो कर दिया जाता है, परंतु सफाई किस कदर चल रही है, इसे कोई देखने वाला नहीं है।
घरों के सामने का कचरा नाली में
सफाई पूरी तरह से ठप हो जाने की वजह से लोग सुबह-सुबह अपने-अपने घरों के सामने झाडू लगाकर कचरा सीधे नाली के तरफ ही ठेल देते हैं। इससे नालियां कचरे से पट चुकी हैं। क्योंकि त्योहार के समय साफ-सफाई में सबसे अधिक कचरा निकलता है।
डस्टबिन भी नहीं बांटा निगम
नगर निगम डस्टबिन सभी घरों में देने का प्लान बनाया, परंतु उस पर भी अमल नहीं कर पाया है।जबकि सामान्य सभा में दावा किया गया कि डस्टबिन वितरित करने के बाद ही सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं देने वालों के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। डस्टबिन वितरण का प्लान निगम की फाइलों से बाहर नहीं निकला।
2200 सफाई कर्मचारी बंगलों तक सीमित
नगर निगम के पास खुद के 2200 सौ सफाई कर्मचारी हैं, जिन्हें हर दिन मंत्रियों और अधिकारियों के आवासों के पास सफाई में लगाया जाता है। दूसरी तरफ शहर की आम जनता गंदगी से परेशान है। पुरानी बस्ती क्षेत्र के मुक्कड़ों से दो से तीन ट्रॉली कचरा उठाते हुए देखा गया।
अध्यक्ष स्वास्थ्य विभाग निगम, नागभूषण राव ने कहा -
त्योहार को देखते हुए निगम के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जोन स्तर पर तय है। लापरवाही करने वाले सफाई ठेकेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।