Nautapa 2024: अस्पतालों में लू, डिहाइड्रेशन, हीटस्ट्रोक आदि के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। हालत तो यह है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच लोग अपने घर या ऑफिस से निकलना बंद कर दिया है।
Nautapa 2024: शहर में तेज गर्मी पड़ने लगी है। ऐसा लगा रहा है मानो पिछले साल की अपेक्षा डबल गर्मी पड़ रही है। तेज धूप की वजह से 24 घंटे गर्म हवाएं भी चलने लगी हैं। भीषण गर्मी का असर चौतरफा दिखने लगा है। राजधानी में कई इलाकों में बिजली की रह-रहकर कटौती की जा रही है, तो नलों में पानी भी कम आने लगा है।
अस्पतालों में लू, डिहाइड्रेशन, हीटस्ट्रोक आदि के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। हालत तो यह है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच लोग अपने घर या ऑफिस से निकलना बंद कर दिया है। (Heat Wave Alert) बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। आगजनी की आशंका भी बढ़ गई है।
नौतपा लगते ही गर्मी का असर दिखने लगा है। घर-ऑफिस में लोग बिना पंखा-कूलर, एसी के बिना नहीं रह पा रहे हैं। ऐसी िस्थति में भी बिजली विभाग का खिलवाड़ जारी है। रोज किसी न किसी इलाके में बिजली कटौती की जा रही है। कभी मेंटेनेंस के नाम पर तो कभी तकनीकी फाल्ट के नाम पर। सुबह से लेकर रात तक एक बार बिजली कटौती जरूर हो रही है।
गर्मी बढ़ने से घरों में पानी की खपत बढ़ गई है। जो दिन में एक बार नहाते थे, वे अब दो-दो बार नहाने लगे हैं। कूलर में भी पानी की खपत ज्यादा होने लगी है। (Nautapa 2024) प्राइवेट बोर में वाटर लेबल गिर चुका है। इस िस्थति के बावजूद नगर निगम ने पानी में कटौती शुरू कर दी है। नलों में पानी की धार कम हो गई है। साथ ही टाइम भी कम हो गया है।
सुबह से तेज धूप का एहसास होता है। ठंडी हवा चलना अब बंद हो गया है। सुबह से लेकर पूरी रात गर्म हवाएं चल रही हैं। दोपहर 12 बजे के बाद अधिकांश लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं। (Nautapa 2024) जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। हाथ, मुंह-कान-नाक ढंक ही निकल रहे हैं। घरों की छत में रखे पानी टंकी के पानी भी 10 बजे ही गर्म हो जा रहे हैं।
कूलर, पंखे, एसी का उपयोग दिन-रात हो रहा है। इसी तरह मशीनरी व ज्वलनशील चीजों के निर्माण से जुड़ी फैक्टि्रयों, निर्माण इकाइयों, बिजली वायरिंग आदि में गर्मी अधिक बढ़ने से आगजनी होने का खतरा रहता है। खमतराई के गद्दा फैक्ट्री में आग लगने की वजह भी अधिक गर्मी बताया जा रहा है।
लू का असर लोगों के सेहत पर भी पड़ने लगा है। आंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एक सप्ताह पहले लू के 2-3 मरीज आते थे, लेकिन अब रोज 20 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। निजी अस्पतालों के मरीजों की संख्या भी जोड़ दिया जाए, तो रोज 50 से ज्यादा लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मार्केट में शीतलपेय पदार्थों का कारोबार बढ़ गया है। कोल्ड्रींक, आइसक्रीम, फल, नींबू आदि सहित अन्य फलों की डिमांड बढ़ गई है। इसके अलावा टोपी, चश्मा, गमछा, सूती कपड़े आदि की खपत भी बढ़ी है। इसी तरह एसी, कूलर और पंखे की खरीदारी भी बढ़ी है।