Chhattisgarh Nautapa 2026: छत्तीसगढ़ में नौतपा की शुरुआत के साथ भीषण गर्मी और बढ़ने वाली है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक हीटवेव जैसे हालात रहने का अलर्ट जारी किया है।
Nautapa 2026: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। सोमवार यानि आज से शुरू हो रहे नौतपा ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव जैसे हालात बने रह सकते हैं। दिन का तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है, जबकि रात में भी गर्म हवाओं और उमस से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में देर रात तक गर्म हवाएं चल रही हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि रात में भी लोगों को लू जैसा एहसास हो रहा है। गर्मी का असर जनजीवन, स्वास्थ्य और बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है।
भारतीय पंचांग के अनुसार नौतपा की शुरुआत सोमवार से हो रही है। माना जाता है कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सबसे अधिक प्रभाव डालती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार नौतपा के शुरुआती दिनों में ही प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
रविवार को राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। यहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तापमान लगातार खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। माना एयरपोर्ट में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बिलासपुर में पारा 44.2 डिग्री तक पहुंच गया। दुर्ग में 44.5 डिग्री और जगदलपुर में 43.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
दूसरी ओर अंबिकापुर और पेंड्रारोड जैसे अपेक्षाकृत ठंडे इलाकों में भी तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया। रात के तापमान में भी खास राहत नहीं मिली, ज्यादातर जिलों में न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे लोगों को देर रात तक उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।
गर्मी का असर केवल दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी महसूस किया जा रहा है। राजधानी रायपुर में रविवार को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य जिलों में भी रात का तापमान 24 से 28 डिग्री के बीच बना हुआ है। उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को देर रात तक बेचैनी महसूस हो रही है। कई इलाकों में लोग कूलर और एसी के बावजूद राहत नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक गर्मी और हीटवेव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाने की संभावना जरूर है, लेकिन इससे तापमान में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।
भीषण गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। एसी, कूलर और पंखों के लगातार उपयोग से बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। वहीं कई शहरों में पानी की खपत बढ़ने से सप्लाई व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है।
गर्मी का सबसे अधिक असर खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों पर पड़ रहा है। दोपहर के समय खुले में काम करना मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में मजदूरों ने काम का समय सुबह और शाम में बदलना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो नौतपा के दौरान इस सीजन की सबसे भीषण गर्मी देखने को मिल सकती है।