9 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जलस्तर बढ़ते ही बजेगा अलर्ट, छत्तीसगढ़ के इन 12 रेलवे पुलों पर लगा हाईटेक सिस्टम, जानें कैसे करेगा काम

Water Level Monitoring System: मानसून के दौरान रेलवे पुलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बिलासपुर जोन के 12 महत्वपूर्ण पुलों पर हाईटेक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया है।
2 min read
Google source verification

रायपुर

image

Khyati Parihar

image

हिमांशु शर्मा

Jul 09, 2026

Bilaspur Railway Zone

रेलवे पुलों पर लगा हाईटेक सिस्टम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@हिमांशु शर्मा। Flood Alert System: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 12 महत्वपूर्ण रेलवे पुलों पर आधुनिक वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया है। जो कि बाढ़ आने और नदियों में पानी बढ़ने का खतरा होने पर तुरंत अलार्म के जरिए सुचना देगा। दरअसल मानसून के दौरान रेलवे पुलों पर नदियों के जलस्तर की सतत एवं सटीक निगरानी के लिए यह मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया है।

यह सिस्टम 24 घंटे रियल-टाइम जानकारी देगा। पहले जलस्तर का आकलन पारंपरिक मीटर गेज प्रणाली के माध्यम से किया जाता था। जिसमें मैनुअल रीडिंग लेने के कारण सूचना प्राप्त होने में विलंब व त्रुटि की संभावना बनी रहती थी। जिससे जलस्तर बढ़ने पर जानकारी नहीं मिलने से रेलवे ट्रैक एवं पुलों की संरक्षा का आकलन करना चुनौतीपूर्ण होता था।

High-Tech Monitoring System: इस तरह से करेगा काम

नदी का जलस्तर पूर्व निर्धारित चेतावनी और खतरे के स्तर तक पहुंचता है और उसमें महत्वपूर्ण परिवर्तन होता है तो सिस्टम के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं के मोबाइल फोन पर तत्काल एसएमएस अलर्ट भेज देता है। इससे आवश्यक सुरक्षा उपाय समय रहते लागू किए जा सकेंगे। इस प्रणाली में संबंधित सहायक मंडल अभियंता, रेल पथ निरीक्षक (पीडबल्यूआई) सहित अन्य अधिकृत अधिकारियों के मोबाइल नंबर पंजीकृत हैं।

इन पुलों पर लगा है सिस्टम

  • झारसुगुड़ा-ईब स्टेशनों के बीच ईब नदी पर पुल क्रमांक 184 अप।
  • ईब-ब्रजराजनगर के बीच पुल क्रमांक 182 अप।
  • भूपदेवपुर-राबर्ट्सन के बीच पुल क्रमांक 86 अप।
  • कोरबा-गेवरा रोड के बीच पुल क्रमांक 63 डाउन।
  • नैला-चांपा के बीच हसदेव नदी पर पुल क्रमांक 46 डाउन।
  • जयरामनगर-अकलतरा के बीच पुल क्रमांक 12 मिडिल।
  • दगौरी-निपनिया के बीच शिवनाथ नदी पर पुल क्रमांक 462 मिडिल।
  • रसमड़ा-दुर्ग के बीच पुल क्रमांक 348 डाउन।
  • मुंडीकोटा-तुमसर के बीच पुल क्रमांक 116 अप।
  • कन्हान-कामठी के बीच पुल क्रमांक 34 अप।
  • वडसा-ब्रह्मपुरी के बीच पुल क्रमांक 159।
  • बरगी-ग्वारीघाट के बीच पुल क्रमांक 348 डाउन।

जानें इस हाईटेक सिस्टम के फायदे

इस हाईटेक सिस्टम के लागू होने से जलस्तर की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। खतरे का स्तर बढ़ते ही संबंधित अधिकारियों को तुरंत मोबाइल पर अलर्ट मिलेगा, जिससे समय रहते ट्रेनों की गति नियंत्रित करने, आवश्यक होने पर परिचालन रोकने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे कदम उठाए जा सकेंगे। इससे मैनुअल निगरानी पर निर्भरता कम होगी और सूचना मिलने में होने वाली देरी व त्रुटियों की संभावना भी घटेगी।

रेल सुरक्षा को मिलेगा बड़ा फायदा

मानसून के दौरान रेलवे पुलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में यह पहल अहम मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक के जरिए जलस्तर की सटीक और समय पर जानकारी मिलने से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा और रेल संचालन को अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।