Navratri 2021: मां दुर्गा के छठे स्वरूप को कात्यायनी (Maa KatyayNi) कहते हैं। गोपियों ने कृष्ण की प्राप्ति के लिए इनकी पूजा की थी। विवाह सम्बन्धी मामलों के लिए इनकी पूजा अचूक होती है, योग्य और मनचाहा पति या प्रेम विवाह इनकी कृपा से प्राप्त होता है।
रायपुर. Navratri 2021: मां दुर्गा के छठे स्वरूप को कात्यायनी कहते हैं। कात्यायन ऋषि के घर में मां का जन्म हुआ था इसलिए मां कात्यायनी (Maa Katyayani) कहलाई। मां कात्यायनी को ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है।
गोपियों ने कृष्ण की प्राप्ति के लिए इनकी पूजा की थी। विवाह सम्बन्धी मामलों के लिए इनकी पूजा अचूक होती है, योग्य और मनचाहा पति या प्रेम विवाह इनकी कृपा से प्राप्त होता है।
ऐसे करें मां कात्यायनी की आराधना
मां कात्यायनी की पूजा सुबह कर सकते हैं, लेकिन संध्याकालीन पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
मां कात्यायनी को पीला रंग अति प्रिय है। ऐसे में पीला या लाल वस्त्र धारण कर संध्याकाल में माता की पूजा करें। साथ ही माता को पीले रंग के सुगंधित पुष्प, नैवेद्य अर्पित करें। इसके साथ मां को शहद का भोग अवश्य लगाएं। इससे माता प्रसन्न होंगी और विवाह सम्बन्धी अड़चने दूर होंगी।
माता के सामने घी का दीपक जलाएं। विधि-विधान से पूजा करें। इसके बाद हल्दी की तीन गांठें अर्पित करें। मां से मनोकामना की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।
मां कात्यायनी के समक्ष इस मंत्र का जाप करें
"कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।"
पूजा सम्पन्न होने के बाद हल्दी की गांठों को पीले कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें। ऐसा करने से विवाह में आ रही अड़चने दूर होंगी।