
बुजुर्ग से 7 लाख रुपए की ठगी (photo source- Patrika)
Cyber fraud: दूसरों के नाम के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा का पैसा खपाने में किया जा रहा है। देश के कई इलाकों में हुई ऑनलाइन ठगी का पैसा रायपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों में खपाया गया है। बैंक में ऐसे 49 म्यूल खाते खोले गए थे। रेंज साइबर थाने की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने खाताधारकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के के समन्वय पोर्टल में देश के अलग-अलग इलाकों में हुई साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुई थी। इसमें साइबर ठगों ने कुल 36 लाख 48 हजार 280 रुपए की ऑनलाइन ठगी की थी। ठगी के इन पैसों को सिविल लाइन इलाके में स्थित बैंक ऑफ इंडिया के 49 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। बाद में इस राशि को निकाल लिया गया। ये सभी बैंक खाते म्यूल खाते हैं। इसकी जानकारी रेंज साइबर थाना को दी गई थी। इसके बाद सिविल लाइन थाने में शिकायत की गई। पुलिस ने खाताधारकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
इन 49 म्यूल खातों में 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2025 तक ठगी के लाखों रुपए जमा हुए। इस मामले में बैंक वालों की भूमिका भी संदिग्ध है। एक ही बैंक में इतने सारे म्यूल खाते कैसे खुल गए? इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं। खाता खोलते समय खाताधारकों के सत्यापन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी म्यूल खाता खोलने वाले कई बैंक अधिकारी-कर्मचारी जेल जा चुके हैं।
रेंज साइबर थाना ने म्यूल खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर करने के लिए 6 नवंबर 2025 को पत्र लिखा गया था, लेकिन एफआईआर में 5 माह से अधिक समय लग गया। एफआईआर में देरी से इस मामले की जांच भी प्रभावित हो रही है। अब तक आरोपी खाताधारकों का पता नहीं चल पाया है।
Updated on:
20 Apr 2026 11:16 am
Published on:
20 Apr 2026 11:16 am
