NEET PG: खाली सीटों में जनरल मेडिसिन, रेडियो डायग्नोसिस, पीडियाट्रिक व डर्मटोलॉजी समेत ऑब्स एंड गायनी शामिल हैं। एनआरआई कोटे की 37 सीटों को भी भरा जाना है
NEET PG: प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में पहले-दूसरे राउंड की कंबाइंड काउंसलिंग के बाद पीजी की 245 सीटें खाली हैं। इन सीटों को भरने के लिए 9 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन व च्वॉइस फिलिंग किए जा सकेंगे। खाली सीटों में जनरल मेडिसिन, रेडियो डायग्नोसिस, पीडियाट्रिक व डर्मटोलॉजी समेत ऑब्स एंड गायनी शामिल हैं। एनआरआई कोटे की 37 सीटों को भी भरा जाना है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मापअप राउंड के लिए सीट मैट्रिक्स जारी कर दी है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नेहरू मेडिकल कॉलेज में 30, सिम्स बिलासपुर में 16, जगदलपुर में 8, राजनांदगांव में 3, अंबिकापुर में 14, रायगढ़ में 11, कोरबा में 2 सीटें खाली हैं। वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों में बालाजी में 64, रिम्स रायपुर में 40 व शंकराचार्य भिलाई में 55 सीटें खाली हैं। तीनों ही निजी कॉलेजों में एनआरआई कोटे की सभी सीटें खाली हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले-दूसरे राउंड में किसी भी छात्र को एनआरआई की सीट आवंटित नहीं की गई। मापअप व स्ट्रे वेकेंसी राउंड में सभी सीटें भरने की संभावना है।
NEET PG: 10 फरवरी को आवंटन सूची जारी की जा सकती है। छात्रों को 15 फरवरी तक एडमिशन का समय दिया जा सकता है। आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए जीरो परसेंटाइल के लिए भी नए सिरे से रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल खोला गया है। नीट पीजी में 800 में माइनस 40 अंक लाने वाले छात्र काउंसलिंग में शामिल होने के लिए पात्र होंगे। हालांकि ये देखने वाली बात होगी कि सीट मिल पाती है या नहीं। निजी कॉलेजाें में सीटें मिल सकती है, लेकिन सरकारी में संभव नहीं है। इसका विरोध भी हो रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट ने जीरो परसेंटाइल वालों काे पात्र करने पर हैरानी जताई है। इस संबंध में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन से पूछा है कि कट ऑफ इतना घटाने का आधार क्या है?