रायपुर

नई पहल: अब टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में चरवाहे करेंगे मुखबिरी, चरवाहा सम्मेलन में कई मुद्दों पर हुई चर्चा..देखिए

Raipur News: वन विभाग के मुखबिरी तंत्र को मजबूत करने के लिए उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के चरवाहा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह सम्मेलन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसमें उच्च स्तरीय वन्यजीव अपराधों के खिलाफ लड़ाई के लिए चरवाहे को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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Feb 17, 2024

Chhattisgarh News: वन विभाग के मुखबिरी तंत्र को मजबूत करने के लिए उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के चरवाहा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह सम्मेलन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसमें उच्च स्तरीय वन्यजीव अपराधों के खिलाफ लड़ाई के लिए चरवाहे को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व का इको सेंटर कोरबा में आयोजित किए गए चरवाहा सम्मेलन कई मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया गया।

डीएफओ उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व डीएफओ वरूण जैन ने बताया कि हमारा वन क्षेत्र की सीमा ओडिसा राज्य से 125 किलोमीटर लगा हुआ है, जो कि तस्करी कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है। इसके साथ-साथ में अतिक्रमण, अवैध शिकार और अवैध कटाई के मामले में आते रहते हैं। कई वन्यप्राणी अपराध सामने नहीं आ पाते, क्योंकि वन कर्मचारियों की संख्या कम होने के साथ अभी 40 प्रतिशत रिक्त होने के कारण स्टाफ बीट के सभी हिस्सों में फुट पेट्रोलिंग नहीं कर पाते। इस कारण हम जहां एआई के माध्यम से वन्यप्राणियों व जंगल पर निगरानी कर रहे हैं, वहीं गांव के चरवाहों को इसके बारे में ट्रेनिंग दे रहे हैं।

बाघ, तेंदुआ के खाल से जुड़े अंधविश्वास पर चर्चा

सम्मेलन के दौरान लगभग 50 चरवाहों एवं वन प्रबंधन समिति सदस्यों ने भाग लिया, जिन्हें गमछा भेंट किया गया। इसके साथ ही वन्यप्राणी अवशेष अव्यव से संबंधित प्रचलित अंधविश्वास जैसे बाघ, तेंदुआ खाल से धन-वर्षा, साल खपरी से बीमारी का इलाज आदि पर चर्चा की गई और जागरूकता फैलाने संबंधित चर्चा हुई।

सूचना देने वालों को इनाम

डीएफओ ने बताया कि जहां पर हमारे कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं, वहां चरवाहे वन विभाग की आंख और कान बन सकते हैं, जिससे अवैध शिकार के लिए लगाए गए फंदे, शिकारियों के छिपकर तीर, गुलेल मारने वाले स्थान, अवैध कटाई एवं तालाब में डाले गए जहर की जानकारी तत्काल वन विभाग को मिल सके। इससे गोपनीय सूचना तंत्र और मजबूत बनेगा एवं कम स्टाफ होने पर भी वन अपराध पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। सूचना देने वाले चरवाहों को इनाम भी दिया जाएगा।

40 हजार हेक्टेयर में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार वितरित

सरपंच अर्जुन नायक, नागेश ने उदंती एवं इंद्रावती को जोड़ने वाले टाइगर कॉरिडोर को भी अतिक्रमण एवं अवैध शिकार से मुक्त करने संबंधी बात उठाई, ताकि महाराष्ट्र के बाघ उदंती तक सुरक्षित पहुंच सकें। टाइगर रिज़र्व में अब तक 26 ग्राम सभाओं को 40 हजार हेक्टेयर में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार वितरित किए जा चुके हैं, जिससे वनवासियों में वन विभाग के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है एवं कई वन्य एवं वन्यप्राणी अपराध की गोपनीय सूचनाएं व एंटी पोचिंग का कार्रवाई में समर्थन मिला है।

ऐप के आने के बाद वन्यप्राणियों को नहीं हुआ नुकसान

हाथी अलर्ट ऐप के लांच होने के 1 वर्ष पूरे होने पर और इस 1 साल में हाथी, भालू, तेंदुआ, लकड़बग्घा से कोई भी जनहानि न होने की जानकारी ग्रामवासियों से साझा की गई, जो कि वन विभाग के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व द्वारा जंगलों की सैटेलाइट बेस्ड मॉनीटरिंग एवं ड्रोन सर्विलांस भी किया जा रहा है, ताकि वन संपदा आगामी वर्षों में भी बची रहे।

मध्यप्रदेश के रिसर्च स्कॉलर हुए शामिल

चरवाहा सम्मेलन में जहां 50 चरवाहों के साथ, ग्रामसभा के जनप्रतिनिधि शामिल हुए, वहीं मध्यप्रदेश से आए रिसर्च स्कॉलर, वन प्रबंधन समिति सदस्य व अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

Published on:
17 Feb 2024 08:46 am
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