
OBC BJP Meeting: छत्तीसगढ़ के रायपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन एवं भाजपा OBC मोर्चा की संभागीय बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने OBC समाज की एकजुटता, सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन की मजबूती पर अपने विचार रखे। उन्होंने OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू और उनकी टीम के कार्यों की सराहना करते हुए समाज को संगठित और जागरूक करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए बधाई दी।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग में करीब 67 जातियां आती हैं। जातियां भले ही अलग-अलग हों, लेकिन उनकी परंपराएं, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्य एक हैं। उन्होंने कहा कि यही OBC समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने समाज के लोगों से छोटे-छोटे दायरों में बंटने के बजाय एकजुटता को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बनाने का आह्वान किया। साथ ही, OBC मोर्चा के कार्यकर्ताओं से समाज के बीच जाकर जागरूकता बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करने की अपील की।
तोखन साहू ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि OBC समुदाय और तेली समाज से निकले नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने इसे पूरे OBC समाज के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में OBC समाज से दो प्रधानमंत्री बने हैं। इनमें एचडी देवगौड़ा वर्ष 1996-1997 के दौरान प्रधानमंत्री रहे, जबकि नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 से लगातार प्रधानमंत्री पद पर हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर यह संदेश दिया है कि नए भारत में अवसर किसी परिवार की जागीर नहीं, बल्कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हासिल किए जा सकते हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने OBC अधिकारों से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1953 में काका कालेलकर आयोग का गठन हुआ और 1955 में उसकी रिपोर्ट आई, लेकिन इसे आगे लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1979 में मोरारजी देसाई सरकार के दौरान मंडल आयोग का गठन हुआ। आयोग ने वर्ष 1980 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की।
वर्ष 1990 में वीपी सिंह सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर OBC आरक्षण लागू किया। इसके बाद वर्ष 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी मामले में आरक्षण व्यवस्था को संवैधानिक मान्यता दी। तोखन साहू ने कहा कि इसके बावजूद लंबे समय तक पिछड़ा वर्ग आयोग को अपेक्षित अधिकार नहीं मिले। उन्होंने कांग्रेस पर OBC समाज के सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया।
तोखन साहू ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद सामाजिक न्याय से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने वर्ष 2018 में 102वें संविधान संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया।
इसके अलावा उन्होंने OBC आरक्षण से जुड़े अन्य फैसलों का भी जिक्र किया।उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये सालाना की गई। OBC समुदाय की विभिन्न जातियों तक आरक्षण का लाभ समान रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग का भी गठन किया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में NEET के ऑल इंडिया कोटा के तहत MBBS और PG सीटों में OBC के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। उन्होंने दावा किया कि इससे हर वर्ष करीब 4,000 OBC युवाओं को मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने 105वें संविधान संशोधन का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से राज्य सरकारों को अपनी OBC सूची तैयार करने का अधिकार मिलने की बात कही।
तोखन साहू ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने OBC समाज को सम्मान, अधिकार और अवसर देने की दिशा में काम किया है। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकजुटता और संगठन की मजबूती के जरिए OBC समाज अपनी भूमिका को और प्रभावी बना सकता है।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामलाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश OBC मोर्चा प्रभारी लखन साहू, प्रदेश अध्यक्ष OBC मोर्चा अशोक साहू सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी, OBC मोर्चा के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।