Cricket Betting: यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर रील बनाता है। इसकी आड़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा भी चलाता है। अलग-अलग नाम से कई आईडी बनाकर 25 फीसदी कमीशन पर बेचता है।
Cricket Betting: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की आड़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे चलाने वाले बाबू उर्फ गुलशन खेमानी को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड के बाद जेल भेज दिया। पूछताछ में उससे जुड़े कई सट्टेबाजों का पता चला है। उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। आईडी लेकर चलाने वालों के अलावा बैंक खातों के बारे में भी पूछताछ की गई। इसमें शहर के कई बड़े सट्टेबाजों का पता चला है।
उल्लेखनीय है कि बाबू अपने यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर रील बनाता है। इसकी आड़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा भी चलाता है। अलग-अलग नाम से कई आईडी बनाकर 25 फीसदी कमीशन पर बेचता है। पुलिस ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया है। सट्टे के रैकेट में शामिल उसके भाई करण खेमानी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई।
बाबू और करण अलग-अलग आईडी बनाकर बेचते थे। दोनों का सीधा दुबई से लिंक है। बताया जाता है कि महादेवबुक ऐप की तरह दोनों भाइयों ने आईडी बनाने का बड़ा काम शुरू किया है। इसका इंस्टाग्राम में प्रमोशन भी करते थे। इस कारण ऑनलाइन सट्टा खेलने वालों की संख्या लगातार बढ़ गई।
बाबू की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने सट्टे की रकम खपाने के लिए इस्तेमाल किए गए कई म्यूल खातों का पता लगाया था, लेकिन अब तक किसी खाताधारक का खुलासा नहीं किया और न ही एक्शन लिया है। शहर के बड़े सटोरियों ने अब खुद की वेबसाइट और मोबाइल ऐप विकसित कर लिए हैं। महादेवबुक और अन्ना रेड्डी की तर्ज पर ये नेटवर्क संचालित किए जा रहे थे। इनके प्रचार के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की मदद ली जाती थी। इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रचार कर युवाओं को ऑनलाइन बेटिंग के लिए प्रलोभन दिया जाता था। इसके बदले इन्फ्लुएंसरों को मोटी रकम दी जाती थी।
बाबू खेमानी महादेव सिंडिकेट की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ नाम से ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर आईपीएल मैचों में सट्टा संचालित कर रहा था। 13 अप्रैल को उसके खिलाफ गंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।
बताया जा रहा है कि बाबू और उसका भाई करण दुबई से जुड़े हुए हैं और उनका अक्सर वहां आना-जाना होता था। पहले दोनों रविभवन क्षेत्र में मोबाइल की दुकान चलाते थे, लेकिन सट्टा कारोबार शुरू करने के बाद दुकान बंद कर दी। इसके बाद वे बड़े पैमाने पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने लगे।