Patrika Raksha Kavach Abhiyan: टीआई ने बताया कि छात्रा ठग के झांसे में आ गई। उसकी बात मानकर उसने गूगल अकाउंट खुलवा लिया। उसके जरिए 6 हजार रुपए उसे मिले। वह ठग पर पूरी तरह से भरोसा कर बैठी।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: कॉलेज में पढ़ रही छात्रा साइबर ठगी का शिकार हो गई। ठग ने उसे अधिक मुनाफा का झांसा दिया। वह ठग के जाल में फंस गई। ठग ने उसके पिता के खाते से 29 लाख 21 हजार 107 रुपए पार कर दिया। पैसे उसके पिता के खाते से कटे थे, इसलिए वह विचलित हो गई, और आत्मघाती कदम उठा रही थी। पड़ोसियों की सतर्कता से उसकी जन बच गई।
मामले में पुलिस ने ठग के खिलाफ धारा 66 डी, 318 (4) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू की। अब तक करीब 5 लाख रुपए होल्ड करा लिया है। बाकी रकम भी होल्ड कराने के लिए पुलिस काम कर रही है। भिलाई तीन टीआई महेश ध्रुव ने बताया कि छात्रा भिलाई तीन कॉलेज में पढ़ाई करती है। उसके पिता आरपीएफ से सेवानिवृत्त हुए हैं। बेटी की पढ़ाई में खर्च के लिए उसे अपना अकाउंट दिया था।
3 फरवरी को छात्रा के मोबाइल पर अनजान व्यक्ति ने कॉल किया। उसने झांसा दिया कि रेस्टोरेंट रिव्यू करना है। उसके एवज में पैसा मिलेगा। छात्रा ने रेस्टोरेंट रिव्यू कर दिया तो उसे ठग ने 200 रुपए ट्रांसफर किया। इसके बाद उसे ग्रुप में जोड़ दिया। फिर उसके मोबाइल पर 1 हजार रुपए भेजा। इस तरह छात्रा को ठग ने अपने भरोसे में ले लिया।
अनिल मैथ्यू ने तत्काल बैंक कस्टमर केयर से संपर्क किया और संदिग्ध लेन देन के बारे में सूचना दी। आईसीआईसीआई बैंक नेहरु नगर पहुंचे। वहां पूरी जानकारी ली। पता चला कि उनके खाता से 5 लाख 29 रुपए 50 पैसे का डेबिट इंटरनेट बैकिंग के माध्यम से हुआ था। इसकी शिकायत पहले ऑनलाइन 1930 में की। इसके बाद चौकी पहुंच कर अपराध दर्ज कराया।
सीएसपीटीसीएल के सहायक यंत्री पुष्पक नगर सड़क-1 प्लाट-46 निवासी जामुल में पदस्थ सहायक यंत्री अनिल मैथ्यू के बैंक खाते से बिना किसी प्रकार के लेनदेन करने पर भी 5 लाख 29 हजार रुपए कट गया। जब मोबाइल में मैसेज आया तो उसके होश उड़ गए। पुलिस ने धारा 66 (डी) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
स्मृतिनगर चौकी प्रभारी ने बताया कि जामुल में पदस्थ सहायक यंत्री अनिल मैथ्यु और उनकी पत्नी एलिजाबेथ का संयुक्त अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक नेहरू नगर में है। 5 जनवरी को शाम 4 बजे अनिल के मोबाइल पर एक ओटीपी का मैसेज आया। उसे देख और नजर अंदाज कर दिया। चंद समय में उनके खाते से पैसा किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गया। बिना कुछ प्रतिक्रिया दिए अनिल मैथ्यू के खाते से 5 लाख 29 हजार रुपए ट्रांजेक्शन हो गए।
टीआई ने बताया कि छात्रा ठग के झांसे में आ गई। उसकी बात मानकर उसने गूगल अकाउंट खुलवा लिया। उसके जरिए 6 हजार रुपए उसे मिले। वह ठग पर पूरी तरह से भरोसा कर बैठी। इसके बाद ठग ने उसे किस्तों में 5 हजार से 10 हजार और इस तरह उससे 29 लाख रुपए 21 हजार 107 रुपए आरटीजीएस और अन्य माध्यम से ट्रांसफर करा लिया। फिर छात्रा का पैसे लौटाने से मना कर दिया। तब उसे समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो गई।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: टीआई ने बताया कि छात्रा बहुत विचलित हो गई। 29 लाख रुपए उसके पापा के खाते से पार हो गए। इससे वह बहुत डर गई। वह अपने कमरे में सुसाइडनोट लिखा और आत्महत्या करने जा रही थी। गनीमत कि पड़ोसियों ने उसकी हरकतों को भांप लिया। उसके कमरे में गए और उससे परेशानी पूछी। वह बताने लगी। पड़ोसियों को उसके कमरे में सुसाइडनोट मिला। तब तत्काल पुलिस को सूचना दी।
टीआई ने बताया कि मामले में अपराध दर्ज कर तत्काल एक्शन लिया गया। उसके पिता के खाते से ट्रांसफर हुए 5 लाख रुपए को होल्ड करा दिया है। बाकी रकम को होल्ड कराने का प्रोसेस किया जा रहा है। उम्मीद हो कि रकम होल्ड हो जाएगी।