Patwari Transfer: रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली। कहा, लंबे समय से एक ही जगह पर पर जमे हुए पटवारियों को हटाया जाए..
Patwari Transfer: छत्तीसगढ़ के रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली। सीएम ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, हमें राजस्व अमले की पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना है। राजस्व विभाग सीधे आम आदमी से जुड़ा है और हमें इसकी छवि सुधारने के लिए काम करना है।
उन्होंने कहा, लंबे समय से एक ही जगह पर पर जमे हुए पटवारियों को हटाया जाए और एक ऐसी व्यवस्था तैयार करें जिसमें नियत समय के बाद पटवारी का अनिवार्य रूप से उस हलके और तहसील क्षेत्र से तबादला हो जाए। बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी मौजूद थे।
सीएम ने कहा, आम लोगों को दैनिक सरकारी कामकाज में पटवारी के सहयोग की जरूरत पड़ती है। पटवारी अपने मुख्यालय में रहकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय कार्यालयों की भूमि का शासन के पक्ष में नामांतरण का काम अभियान चलाकर पूरा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में शहरी पट्टों के वितरण के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत और आयुक्त भू अभिलेख रमेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सीएम ने कहा, फौती नामांतरण, बंटवारा, अविवादित नामांतरण सहित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाई जाए और इसे समय सीमा में ही पूरा करें। उन्होंने कहा, राजस्व विभाग नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजिटल नवाचारों पर भी तेजी के साथ काम करें। इस दौरान राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने मुख्यमंत्री को राजस्व विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और विभागीय आवश्यकताओं से अवगत कराया।
उन्होंने राजस्व विभाग के प्रशासनिक इकाई की मूलभूत जानकारी के साथ ही स्वामित्व योजना, राहत कार्यालय के कार्य, राजस्व न्यायालय, जिओ रेफ्रेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अद्यतन जानकारी साझा की।
बैठक में सीएम ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, मैं साल 1990 में नया-नया विधायक बना, तब साधु की तरह दिखने वाले लंबी कद काठी का एक व्यक्ति मेरे पास आवेदन लेकर आया। वे मेरे जन्म यानी साल 1964 से राजस्व के एक मामले को लेकर राजस्व कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।
उन्हें अपने मामले की सारी जानकारियां याद थी और कागज पलटने तक की जरूरत नहीं पड़ती थी। मैं उन्हें अपनी गाड़ी से एसडीएम कार्यालय लेकर गया और मामले का निराकरण कराया।