रायपुर

सिटी बसें चलती नहीं, ऑटो-टैक्सी से रोज हजारों लोगों की कट रही जेब…ज्यादा किराया देने को मजबूर लोग

Raipur News: जधानी में लोगों के आवागमन के लिए सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन, गिनती की 25 बसों के चलने के कारण मजबूरी में नागरिकों को सवारी ऑटो व टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है।

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Jul 12, 2023
ऑटो-टैक्सी से रोज हजारों लोगों की कट रही जेब...ज्यादा किराया देने को मजबूर लोग

Chhattisgarh News: रायपुर। राजधानी रायपुर में लोगों के आवागमन के लिए सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन, गिनती की 25 बसों के चलने के कारण मजबूरी में नागरिकों को सवारी ऑटो व टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। इसके चलते वे मनमाना किराया वसूल कर रहे है।

शहर के कुछ चौक-चौराहों को छोड़कर अन्य स्थान पर जाने के लिए 100 से 150 रुपए तक वसूली हो रही है। वहीं रात के समय इसका किराया दो से तीन गुना तक लिया जाता है। राज्य पुलिस द्वारा किराया और सवारी की सख्ती से जांच नहीं करने से ऑटो चालक भी मनमानी (cg news) कर रहे हैं। निर्धारित क्षमता से ज्यादा सवारियों को बैठाया जा रहा है। बता दें कि रायपुर शहर में इस समय करीब 12000 यात्री ऑटो चल रहे है। इसमें करीब 1200 ई रिक्शा शामिल हैं। इनके जरिए रोजाना 20000 से ज्यादा यात्री आवागमन करते हैं, जिनकी हर दिन जेब कट रही है और प्रदूषण भी बढ़ रहा है।

रायपुर जिले में इतने वहान

- ऑटो - 22,322

- सवारी ऑटो- 12,000

- टैक्सी- 450

- सिटी बस- 25

100 सिटी बसों की जरुरत

राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए 100 सिटी बस चलाए जाने की जरूरत है। शहरी सार्वजनिक यातायात समिति द्वारा 25 सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। वहीं इनका समय निर्धारित नहीं होने के कारण लोगों को ऑटो का (raipur hindi news) सहारा लेना पड़ता है।

सिटी बसों का संचालन शीघ्र

रेलवे स्टेशन से कुम्हारी सहित अन्य चिन्हांकित मार्गों पर जल्दी ही सिटी बसों का संचालन शुरू होगा। इसके लिए सिटी बस संचालक द्वारा 12 सिटी बसों को शुरू करने की प्रक्रिया को पूरी कर ली गई है।

- बीएल चंद्राकर, प्रबंधक यातायात समिति, नगर निगम

12,000 ऑटो से आबोहवा

शहर में सुबह से लेकर देर शाम तक करीब 12000 डीजल और पेट्रोल वाली ऑटो के दौडऩे से लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। हालात यह है कि हर सड़क पर ऑटो के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। राज्य पुलिस द्वारा नियमित रूप से फिटनेस जांच नहीं करने से इस (chhattisgarh hindi news) समय शहर में 14,660 कंडम ऑटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बता दें कि पुलिस के पास प्रदूषण की जांच करने पीयूसी मशीन तक नहीं है। इसके चलते वह केवल खानापूर्ति करने के लिए जुर्माना वसूली कर उन्हें छोड़ देते हैं।

Published on:
12 Jul 2023 10:00 am
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