
रायपुर. सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को अब सरकार 5 हजार रुपए का इनाम देगी। इसके अलावा प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। सड़क दुर्घटना में घायलों का जीवन बचाने के लिए जनता को प्रेरित करने के उद्देश्य से इस योजना को शुरू किया गया है। मालूम हो कि दुर्घटना के बाद एक घंटे में घायलों को इलाज मिल जाता है तो कई की मौत को रोका जा सकता है।
इसके लिए मदद का हाथ बढ़ाना जरूरी है यानी पीड़ित को अस्पताल को ले जाना या इसकी सूचना पुलिस या अस्पताल को देना चाहिए। लोग पीड़ित की मदद करने से हिचकिचाएंगे नहीं इसके लिए मददगार जो पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाएंगे और पुलिस को सूचना देंगे तो उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाने की जरूरत नहीं होगी। पुलिस ऑफिसर उनके घर पर या दोनों के लिए जो उचित जगह हो वहां जाकर सूचना ले सकते हैं।
चयन करने के लिए कमेटी
घायलों को मदद करने वाले व्यक्ति के चयन के लिए जिला स्तर पर गठित मूल्यांकन समिति में संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी, सीएमएचओ तथा आरटीओ को शामिल किया गया है। सड़क दुर्घटना की सूचना पुलिस को देने पर डॉक्टर से विवरण की पुष्टि के बाद पुलिस द्वारा संबंधित व्यक्ति को आधिकारिक लेटर पैड पर उसका मोबाइल नम्बर और पता, स्थान, दुर्घटना का दिनांक व समय और कैसे पीड़ित का जान बचाने में मदद की है आदि का उल्लेख करते हुए एक पावती देगी। पीड़ित को सीधे अस्पताल ले जाने पर अस्पताल समस्त जानकारी संबंधित थाने को देगा। विवरण की पुस्टि के बाद पुलिस उसे पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान करेगी।
रोज 34 हादसे में 29 लोग हो रहे घायल
प्रदेश में सड़क हादसे से जनवरी से 30 अक्टूबर 2021 के बीच कुल 304 दिनों में 4459 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कुल 10253 हादसों में 8939 लोग घायल हो चुके है। राज्य पुलिस मुख्यालय से मिले आकड़ो के अनुसार रोजाना औसतन 34 सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। इसमें औसतन 29 लोग घायल हो रहे है। जबकि गतवर्ष 2020 में कुल 9277 हादसों में 3656 लोगों की मौत और 8349 लोग घायल हुए थे। यह गतवर्ष की अपेक्षा 10.75 फीसदी हादसे, 21.09 फीसदी मौत और 7.06 फीसदी घायलों होने वालों में ज्यादा है।
राज्य पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन खुलने के बाद सड़कों पर वाहनों की भीड़ बढऩे और रफ्तार के कहर से सड़कें खून से लाल हो रही है। जबकि पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन में वाहनों के नहीं चलने से हादसे भी कम हुए थे। लेकिन, हालात के सामान्य होने के बाद लगातार सड़क हादसे भी बढ़ रहे है।
ग्रामीण इलाकों में 56 फीसदी हादसे
राज्य में 56 फीसदी सड़क हादसे रायपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, बलौदाबाजार, भाटापारा, सूरजपुर, महासमुंद और दुर्ग जिलें में हुई है। इसमें से अधिकांश हादसे शहर से सटे हुए ग्रामीण क्षेत्र में हुए है। इसकी मुख्य वजह मुख्य सड़क पर लापरवाहीपूवर्क वाहन चलाना, ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, रांग साइड और बिना हेलमेट और मोटरयान अधिनियम का पालन करने के वजह से हुई है।
ज्यादातर दोपहिया सवार शिकार
लापरवाही पूवर्क वाहन चलाने, दोपहिया में तीन सवारी बिठाने के कारण 70 फीसदी हादसे का शिकार हुए है। इसमें मरने वाले की करीब 40 फीसदी और 30 फीसदी घायल होने वालों की संख्या है।
एआईजी ट्रैफिक संजय शर्मा ने कहा, गतवर्ष की अपेक्षा इस बार सड़क दुर्घटना का ग्राफ बढ़ा है। इसे देखते हुए राज्य पुलिस को जागरूकता अभियान चलाने और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। हादसों पर ब्रेक लगाने के लिए सुरक्षित और संतुलित रूप से वाहन चलाने की जरूरत है।