
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विधानसभा में दी जानकारी ( Photo - Patrika )
Chhattisgarh Vidhan Sabha: विधानसभा में शुक्रवार को महतारी वंदन योजना का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने महतारी वंदन योजना के करीब 1.55 लाख हितग्राहियों के नाम सूची से हटाने, ई-केवाईसी के कारण एक लाख से अधिक महिलाओं की किस्त अटकने और नए पंजीयन बंद होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि निर्धारित पात्रता पूरी नहीं करने और ई-केवाईसी नहीं होने के कारण नाम हटाए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महतारी वंदन योजना का पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, लेकिन फिलहाल इसकी तारीख बताना संभव नहीं है। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बनने के दो महीने के भीतर योजना की राशि हितग्राहियों के खातों में पहुंचाकर सरकार ने अपना वादा निभाया है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इस मुद्दे को उठाया। उनका कहना था कि महतारी वंदन योजना से बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं के नाम हटा दिए गए हैं। विपक्ष ने करीब 1.55 लाख हितग्राहियों के नाम सूची से हटाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। साथ ही ई-केवाइसी के कारण एक लाख से अधिक महिलाओं की किस्त अटकने और नए पंजीयन शुरू नहीं होने पर भी सवाल उठाए। इस पर मंत्री ने कहा कि निर्धारित पात्रता पूरी नहीं करने और ई-केवाइसी नहीं होने की वजह से नाम हटाए गए हैं।
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों में मसालों की बिक्री का मुद्दा उठाया। उन्होंने खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से पूछा कि पीडीएस सिस्टम के तहत प्रदेश में संचालित राशन दुकानों में किन-किन सामानों की बिक्री की जाती है। मंत्री सही तरीके से जवाब नहीं दे पा रहे थे, तब विधानसभा अध्यक्ष ने भी कुछ सामानों की जानकारी दी।
इस पर विधायक ने बताया कि बेलतरा विधानसभा (Chhattisgarh Vidhan Sabha) क्षेत्र के राशन दुकानों में मसाले की बिक्री कराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक संरक्षण में दबावपूर्वक मसाले बेचे जा रहे हैं, दस्तावेजी प्रमाण है। विधायक ने मंत्री इस मामले में जांच की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि शिकायत दें दिजिए, इसकी जांच करा लेंगे।
प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में वित्तीय अनियमितता का मामला शुक्रवार को उठा। पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि सामूहिक विवाह के लिए आए कई जोड़ों का आवेदन नहीं लिया गया। उन्हें लौटा दिया गया। पूर्व मंत्री ने नकली मंगलसूत्र देने का भी आरोप लगाया।
इस पर महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नकली सामग्री बांटने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह योजना को लेकर कहीं से कोई शिकायत नहीं आई है। मंत्री बताया कि अब तक 400 जोड़ों का विवाह हुआ है। उन्होंने बताया कि हर जोड़ों पर 50 हजार रुपए खर्च किए जाते हैं। 35 हजार रुपए वधु के एकाउंट में डीबीटी की जाती है। इसके अलावा 8 हजार रुपए विवाह से जुड़े खर्च और 7 हजार रुपए श्रृंगार सामाग्री वधु को भेंट की जाती है।
Updated on:
18 Jul 2026 04:42 pm
Published on:
18 Jul 2026 04:42 pm
