
महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी पड़ा भारी (photo source- Patrika)
Mahtari Vandan Yojana: हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपए पर घर का छोटा-मोटा खर्च चलाने वाली महासमुंद जिले की करीब 9 हजार महिलाओं के लिए इस बार जुलाई की शुरुआत मायूसी लेकर आई है। ई-केवाईसी की तय समय सीमा बीत जाने के बाद इन महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की जुलाई किस्त नहीं पहुंचेगी।
महासमुंद जिले में तीन लाख से अधिक हितग्राहियों में अधिकांश महिलाओं का सत्यापन तो पूरा हो गया, लेकिन हजारों महिलाएं पलायन, आधार संबंधी त्रुटियों और अन्य दस्तावेजी कारणों से प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं। अब समय सीमा समाप्त होने के कारण उन्हें अगली कार्रवाई और शासन के निर्देशों का इंतजार करना होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार जिले में महतारी वंदन योजना की 3 लाख 18 हजार हितग्राही महिलाओं का ई-केवाईसी कराया जाना था। इनमें से लगभग 3 लाख 8 हजार महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि करीब 9 हजार हितग्राहियों (July Installment Stopped) का ई-केवाईसी लंबित रह गया।
विभाग ने अंतिम तिथि से पहले विशेष अभियान चलाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और मैदानी अमले के माध्यम से गांव-गांव जाकर महिलाओं से संपर्क किया। कई स्थानों पर शिविर भी लगाए गए, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही समय पर प्रक्रिया पूरी कर सकें। इसके बावजूद निर्धारित अवधि के भीतर सभी महिलाओं का सत्यापन संभव नहीं हो पाया।
समीक्षा में सामने आया कि सबसे बड़ी समस्या उन महिलाओं की रही, जो रोजगार और मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में चली गई हैं। इसके अलावा कई मामलों में आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि अथवा व्यक्तिगत जानकारी का मिलान नहीं हो पाया। जांच के दौरान डुप्लीकेट आवेदन भी सामने आए, जबकि कुछ हितग्राहियों की मृत्यु होने के कारण उनके नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया भी साथ-साथ चलती रही।
इन सभी कारणों से हजारों महिलाओं का ई-केवाईसी अधूरा रह गया। विभाग का कहना है कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और केवल वास्तविक पात्र महिलाओं को ही लाभ देने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही किस्त जारी की जा रही है। इसलिए जिन महिलाओं की प्रक्रिया समय सीमा तक पूरी नहीं हुई, उनकी जुलाई माह की राशि फिलहाल रोक दी गई है।
ई-केवाईसी (E-KYC) की समय सीमा समाप्त होने के बाद बस्तर संभाग के लिए अवधि बढ़ा दी गई, जिससे वहां की महिलाओं को अतिरिक्त समय मिल गया। लेकिन रायपुर संभाग में ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ। इसका असर महासमुंद जिले की उन हजारों महिलाओं पर पड़ा, जिनका सत्यापन अंतिम तिथि तक पूरा नहीं हो सका।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने कहा कि जुलाई माह की किस्त रुकने का अर्थ यह नहीं है कि हितग्राही योजना से बाहर हो जाएंगी। जिन महिलाओं का ई-केवाईसी किसी कारण से लंबित है, वे आधार संबंधी त्रुटियों में सुधार कराने अथवा आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के बाद सत्यापन करा सकती हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर पात्र महिलाओं को शासन के प्रावधानों के अनुरूप आगे की किस्तों का लाभ मिलता रहेगा। इसी वजह से लंबित हितग्राहियों से जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा कराने की अपील की जा रही है। फिलहाल, ई-केवाइसी से वंचित रहने वाली महिलाओं को जुलाई की किस्त नहीं मिलने की चिंता सताएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सर्वे में सामने आया कि जिले की 8 हजार 200 से अधिक महिलाएं रोजगार और मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में चली गई हैं। यही ई-केवाईसी अधूरा रहने का सबसे बड़ा कारण बना। विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्तर पर संपर्क कर इन महिलाओं तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश हितग्राही समय सीमा के भीतर जिले में नहीं लौट सकीं।
इसके अलावा 450 से अधिक महिलाओं के आधार कार्ड में त्रुटियां मिलीं, जिससे उनका सत्यापन पूरा नहीं हो पाया। विभाग का मानना है कि पलायन करने वाली महिलाओं के समय पर वापस नहीं आने से अभियान का लक्ष्य प्रभावित हुआ। अब जब तक ई-केवाइसी नहीं होगा, किस्त आगे मिलने असंभव है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी टिकवेंद जाटवार ने बताया कि रायपुर संभाग में ई-केवाईसी की समय सीमा बढ़ाने का कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए जिले की जिन महिलाओं का ई-केवाईसी लंबित है, उनके खातों में जुलाई माह की राशि जारी नहीं होगी। जिन हितग्राहियों का सत्यापन बाद में पूरा होगा, उन्हें आगे की किस्त मिलेगी।
Updated on:
08 Jul 2026 03:50 pm
Published on:
08 Jul 2026 03:45 pm
