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Mahatari Vandan Yojana: अटक सकती है महतारी वंदन की अगली किस्त! 20 हजार महिलाओं की ई-केवाईसी अब भी अधूरी

government scheme for women: महतारी वंदन योजना में जिले की 20,116 महिलाओं की ई-केवाईसी अब भी लंबित है। 30 जून तक सत्यापन नहीं कराने पर अगली किस्त अटक सकती है।
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Mahtari Vandan Installment

महतारी वंदन की अगली किस्त पर संकट (photo source- Patrika)

Mahtari Vandan Installment: महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता राशि जिले की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है, लेकिन अब 20 हजार से अधिक महिलाओं के सामने इस राशि के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। कारण है ई-केवाईसी प्रक्रिया का अधूरा रह जाना। यदि 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई, तो इन महिलाओं की अगली किस्त अटक सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 3 लाख 18 हजार महिलाओं का ई-केवाईसी किया जाना है। इनमें से अब तक 2 लाख 98 हजार महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 20 हजार 116 महिलाओं का ई-केवाईसी अभी भी लंबित है। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि सभी पात्र हितग्राही अंतिम तिथि से पहले प्रक्रिया पूरी करा लें।

Chhattisgarh Women Scheme: बुजुर्ग, दिव्यांग और पलायन कर चुकी महिलाओं की बढ़ी परेशानी

ई-केवाईसी की सबसे बड़ी चुनौती उन महिलाओं के सामने आ रही है जो बुजुर्ग हैं, दिव्यांग हैं या स्वास्थ्य कारणों से केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं भी हैं जो रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में चली गई हैं। कई मामलों में बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अंगूठे का निशान मशीन से मेल नहीं खा रहा है, जिससे प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी टिकवेंद्र जाटवार ने बताया कि विभाग ऐसे सभी मामलों का अलग से रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। जिन महिलाओं का सत्यापन तकनीकी कारणों से नहीं हो पा रहा है या जो जिले से बाहर हैं, उनकी जानकारी संकलित कर शासन को भेजी जाएगी ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।

सत्यापन में सामने आईं कई गड़बड़ियां

ई-केवाईसी अभियान के दौरान विभाग को कई ऐसे मामले भी मिले हैं जिनमें योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अब तक सूची में दर्ज थे। विभाग अब ऐसे हितग्राहियों के नाम हटाकर रिकॉर्ड अपडेट कर रहा है।जब वर्ष 2024 में महतारी वंदन योजना शुरू हुई थी, तब जिले में करीब 3 लाख 25 हजार महिलाएं लाभान्वित हो रही थीं। लगातार सत्यापन और डेटा अपडेट होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 3 लाख 18 हजार रह गई है। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

घर-घर पहुंच रही विभागीय टीम

लंबित मामलों को जल्द पूरा करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और विभागीय कर्मचारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो घर-घर पहुंचकर सत्यापन कर रही है।विशेष रूप से उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जो उम्र, बीमारी या दिव्यांगता के कारण च्वाइस सेंटर नहीं जा सकतीं। विभाग ने लंबित हितग्राहियों की सूची तैयार कर संबंधित कर्मचारियों को सौंप दी है, ताकि अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी पूरा कराया जा सके।

eKYC deadline: 30 जून तक पूरा करना होगा सत्यापन

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराया गया, तो लाभार्थियों की अगली किस्त प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील कर रहा है।

महतारी वंदन योजना की राशि कई परिवारों के मासिक खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ हजारों महिलाओं की चिंता बढ़ गई है और वे किसी भी तरह अपनी ई-केवाईसी पूरी कराने की कोशिश में जुटी हुई हैं।