वजन घटाने की कोशिशों में जुटे हैं? पर पिज्जा-बर्गर देख मन पर काबू नहीं रख पाते? अगर हां तो परेशान मत होइए। एक्जिटर और हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्मार्टफोन ऐप तैयार किया है, जो खेल-खेल में फास्टफूड की लत से छुटकारा पाने में मदद करेगा।
'द फूड ट्रेनर ऐप में यूजर के सामने एक-एक कर विभिन्न खाद्य सामग्री के चित्र आते हैं। स्वस्थ सामग्री का चित्र दिखने पर यूजर को उस पर टैप करना होता है। वहीं, सेहत के लिए नुकसानदायक चीजों की तस्वीरें आने पर उसे स्क्रीन से हटाना पड़ता है। निर्माताओं का दावा है कि यह दिलचस्प खेल मस्तिष्क को स्वस्थ सामग्री से ज्यादा जुड़ाव महसूस करने के लिए प्रेरित करता है। इससे यूजर धीरे-धीरे फास्टफूड की तलब पर नियंत्रण पाने लगता है।
अध्ययन में दिखा सकारात्मक असर
प्रोफेसर नतालिया लॉरेंस और उनके साथियों ने ब्रिटेन में फास्टफूड के शौकीन 1234 वयस्कों में 'द फूड ट्रेनरÓ ऐप के नियमित इस्तेमाल से होने वाले बदलावों पर नजर दौड़ाई। उन्होंने पाया कि लगातार एक महीने तक रोजाना कम से कम तीन से चार बार यह गेम खेलने वाले प्रतिभागियों में फास्टफूड की खपत में उल्लेखनीय कमी आई। पहले अगर वे हफ्ते में चार से पांच बार पिज्जा, बर्गर या नूडल्स का सेवन करते थे तो गेम के नियमित अभ्यास के बाद यह संख्या घटकर एक रह गई। ऐसे प्रतिभागियों में स्वस्थ खानपान अपनाने की आदत भी बढ़ी, जिसका सीधा असर उनके वजन में गिरावट के रूप में दिखा।
महज चार मिनट खेलना भी फायदेमंद
लॉरेंस के मुताबिक 'द फूड ट्रेनर ऐप गूगल प्लेस्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है। इसे 4.0 रेटिंग हासिल है। यह एंड्रॉयड 4.0.3 या उससे ऊपर के ऑपरेटिंग सिस्टम वाले फोन में ही काम करता है। लॉरेंस ने बताया कि 'द फूड ट्रेनरÓ एक बार में चार मिनट का समय लेता है। इसका इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर उपयोगकर्ताओं ने तीन से पांच महीने के भीतर फास्टफूड की लत के पूरी तरह से काबू में आने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन में यह ऐप स्वस्थ खानपान की आदत अपनाने में खासा मददगार साबित हुआ, जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिहाज से भी अहम है।