रायपुर

रायपुर में धरावी मॉडल की तैयारी शुरू! 4,044 EWS फ्लैट बनेगी नई पहचान, जानें कौन-कौन सी बस्तियां होंगी शामिल..?

PMAY-Urban: रायपुर की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई की धारावी झुग्गी-बस्ती के पुनर्निर्माण मॉडल को अब रायपुर में लागू करने की तैयारी है।

3 min read
Jan 16, 2026
4,044 EWS फ्लैट बनेगी नई पहचान(photo- AI)

PMAY-Urban: छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई की धारावी झुग्गी-बस्ती के पुनर्निर्माण मॉडल को अब रायपुर में लागू करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-Urban) के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) मॉडल में शहर की प्रमुख स्लम बस्तियों का यथास्थान (इन-सीटू) पुनर्विकास किया जाएगा।

PMAY-Urban: 19.19 हेक्टेयर भूमि पर बहुमंजिला ईडब्ल्यूएस आवास

डगनिया, आमापारा, अमरपुरी, भीम नगर और उत्कल नगर सहित कुल लगभग 19.19 हेक्टेयर शहरी भूमि पर G+6 और G+8 बहुमंजिला इमारतों में 4,044 ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस पूरी परियोजना पर करीब 232 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस संबंध में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) शासन को भेज दिया गया है।

स्लम भूमि का पुनर्गठन, बिल्डर को मिलेगा व्यावसायिक हिस्सा

योजना के तहत स्लम भूमि का एक हिस्सा पात्र गरीब परिवारों के पक्के आवास के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि शेष भूमि निजी डेवलपर को व्यावसायिक उपयोग के लिए दी जाएगी। इसी मॉडल से परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित की जाएगी।

क्या है धरावी मॉडल?

मुंबई के धारावी क्षेत्र में झुग्गियों को हटाकर उसी स्थान पर बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। इस मॉडल के तहत पात्र निवासियों को निशुल्क पक्का आवास उपलब्ध कराया जाता है, साथ ही सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ उनका पुनर्वास किया जाता है। इसके बदले डेवलपर को परियोजना क्षेत्र में व्यावसायिक विकास का अधिकार दिया जाता है। इसी धरावी मॉडल को अब रायपुर में लागू करने की तैयारी की जा रही है।

रायपुर में कैसे होगा धरावी मॉडल लागू?

रायपुर में भी स्लम भूमि का पुनर्गठन कर पात्र परिवारों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पक्के फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही सड़क, सीवरेज, पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ सामुदायिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। परियोजना को आर्थिक रूप से व्यवहारिक बनाने के लिए अतिरिक्त भूमि पर व्यावसायिक निर्माण की अनुमति दी जाएगी, जिससे पुनर्विकास की लागत पूरी की जा सकेगी।

इन स्लम बस्तियों का होगा पुनर्निर्माण

डगनिया बस्ती
नालों के बीच बसी यह घनी बस्ती संकरी गलियों, जलभराव और शौचालय की समस्या से जूझ रही है। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं।

आमापारा
पुराना आबादी क्षेत्र, जर्जर कच्चे मकान और पेयजल-ड्रेनेज की समस्या। मुख्य बाजार के पास होने से जमीन की कीमत अधिक, लेकिन रहवासी बदहाल।

अमरपुरी
नालों के किनारे बसी बस्ती, जहां गंदे पानी से स्वास्थ्य संकट बना रहता है। महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल का अभाव।

भीम नगर
अस्थायी मकान, अवैध बिजली कनेक्शन और तंग रास्ते। बारिश में कीचड़ और जलभराव प्रमुख समस्या।

योजना की मुख्य विशेषताएं

PMAY-Urban के AHP मॉडल के तहत इन-सीटू स्लम रीडेवलपमेंट किया जाएगा, जिसमें पात्र स्लमवासियों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पक्के फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजना के अंतर्गत G+6 और G+8 बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें सड़क, सीवरेज, पानी-बिजली और अन्य सामुदायिक सुविधाएं शामिल होंगी। वहीं, परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए निजी डेवलपर को आंशिक व्यावसायिक विकास की अनुमति दी जाएगी।

आंकड़ों में पूरा प्रोजेक्ट

  • कुल भूमि क्षेत्र: लगभग 19.19 हेक्टेयर
  • ईडब्ल्यूएस आवास इकाइयां: 4,044
  • अनुमानित लागत: 232 करोड़ रुपये
  • स्थिति: DPR शासन को भेजी गई, स्वीकृति के बाद चरणबद्ध निर्माण

जनप्रतिनिधियों की राय

नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे का कहना है कि यथास्थान पुनर्विकास से स्लमवासियों को सुरक्षित पक्का आवास और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का पूरा प्रयास रहेगा कि लोगों को उनके ही स्थान पर सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराया जा सके।

नगर निगम रायपुर के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव कागजों में भले ही अच्छा नजर आ रहा हो, लेकिन यदि निजी हितों के नाम पर गरीबों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता किया गया तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई के धारावी मॉडल के अनुभवों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Published on:
16 Jan 2026 01:42 pm
Also Read
View All

अगली खबर