Actor Kishor Sahu: लेखक संजीव बक्शी की मदद से राज्य सरकार ने आत्मकथा का प्रकाशन हो पाया। वे तत्कालीन दुर्ग में 22 अक्टूबर 1915 को जन्मे थे
Actor Kishor Sahu: ताबीर हुसैन. युवा पीढ़ी से पूछा जाए किशोर साहू कौन हैं? तो शायद ही कोई जवाब दे पाएं। अगर किसी ने देवानंद और वहीदा रहमान अभिनीत गाइड देखी हो तो उसमें एन्कोलॉजिस्ट मार्को का किरदार निभाने वाले बूढ़े को तो जान ही जाएंगे।
Actor Kishor Sahu: रविवि से साल 2018 में किशोर द्वारा रचित एवं निर्देशित सिनेमा का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक वैशिष्ट विषय पर पीएचडी करने वाली आकांक्षा दुबे ने बताया, इस विषय पर शोध करने के लिए मेरे गाइड रमेश अनुपम सर रहे। फिल्म पत्रकार विष्णु खरे और रेखा खान के जरिए हमें किशोरजी के बेटे विक्रम का कॉन्टेक्ट नंबर मिल पाया था। लेखक संजीव बक्शी की मदद से राज्य सरकार ने आत्मकथा का प्रकाशन हो पाया। वे तत्कालीन दुर्ग में 22 अक्टूबर 1915 को जन्मे थे। थिएटर में रुचि होने के कारण उन्होंने फिल्मों का रुख किया। 22 अगस्त 1980 को बैंकाक से उड़ान भरते समय हवाई अड्डे पर ही हार्टअटैक से उनका निधन हो गया।
किशोर साहू की आत्मकथा और उनके नाम पर राज्य सरकार द्वारा पुरस्कार भी दिया जाता है। उन्होंने 1937 से 1980 तक 8 फिल्मों का निर्माण, 30 में अभिनय , 20 का निर्देशन और 5 फिल्मों का लेखन किया। छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें जन्मशती पर याद करते हुए 22 व 23 अक्टूबर 2016 को राजनांदगांव में उनकी स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया था। जिसमें राजकमल से प्रकाशित उनकी आत्मकथा का विमोचन हुआ। इस मौके पर उनके बेटे विक्रम, बेटी नैना भी शामिल हुए थे।
आकांक्षा ने बताया, किशोरजी ने जून 73 में आत्मकथा लिख ली थी, जब वे 58 साल के थे। खास बात यह कि उस दौर में ही उन्हाेंने हिंदी में प्रिंटेड आत्मकथा लिखी थी। हालांकि उनकी आत्मकथा को हासिल करना बहुत जद्दोजहद वाला मामला था। इसमें हरि मृदुल और इकबाल रिजवी सर का भी सहयोग रहा।
राज्य सरकार ने किशोर साहू स्मृति राज्य एवं राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा 24 मार्च 2018 को की थी। पहला राज्य स्तरीय पुरस्कार छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा और राष्ट्रीय स्तर पर श्याम बेनेगल को मिला था।
फैक्ट फाइल
निर्माण - 8 फिल्म निर्देशन - 20 फिल्म
अभिनय - 30 फिल्म
लेखन - 5 फिल्म