CM Vishnu Deo Sai राहुल गांधी की टिप्पणी 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की उपलब्धियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लगातार बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
Chhattisgarh News: रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री साय ने राहुल गांधी की टिप्पणी को अशोभनीय बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस की हताशा, राजनीतिक दिवालियापन और संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने की निराशा में कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है तथा भारत को वैश्विक स्तर पर एक सशक्त और निर्णायक राष्ट्र के रूप में पहचान मिली है। साय ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ घृणित टिप्पणी का प्रयोग बेहद निंदनीय है और यह देश के 140 करोड़ नागरिकों की भावनाओं का अपमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पदों की गरिमा राष्ट्र की गरिमा से जुड़ी होती है। राजनीतिक विरोध की आड़ में अशिष्ट, अपमानजनक और अतिवादी भाषा का प्रयोग न केवल हमारे गौरवशाली लोकतंत्र की परंपरा के विरुद्ध है, बल्कि बोलने वाले की राजनीतिक परिपक्वता पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी लगाता है। कांग्रेस का यह गैर-जिम्मेदाराना, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र-विरोधी आचरण देश की जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर हैं। वहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया ,राहुल गांधी ने कहा, "जब आप घर वापस जाओगे और आरएसएस कार्यकर्ता आपके सामने आएंगे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की बात करेंगे, उनके सामने आप उनसे कहो कि आपका प्रधानमंत्री ग़द्दार है, आपका गृह मंत्री ग़द्दार है, आपका संगठन ग़द्दार है। आपने हिंदुस्तान को बेचने का काम किया है। आपने हमारे संविधान पर आक्रमण किया है. आपने आंबेडकर जी, गांधी जी पर आक्रमण किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार-2026 के तहत आयोजित कार्यक्रमों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जन समस्या निवारण शिविर में पहुंचकर आम लोगों से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं के निराकरण की स्थिति का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं, शिकायतों और उनके निराकरण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं का जल्द और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। सरकार की प्राथमिकता लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर रहेगी।