रायपुर

Raipur AIIMS: एम्स को 13 साल बाद मिला कैंसर सर्जन, मरीजों को मिलेगी राहत

Raipur AIIMS: एमसीएच की तीन सीटों में भी पढ़ाई हो रही है। एमसीएच सीटों को पिछले साल मान्यता मिली है। पहले ही राउंड में तीनों सीटें पैक हो चुकी थीं। दरअसल सुपर स्पेशलिटी कोर्स में एमसीएच आंको सर्जरी टॉप में है।

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Feb 21, 2026

Raipur AIIMS: एम्स में 13 साल बाद किसी कैंसर सर्जन ने ज्वाइन की है। इससे कैंसर के मरीजों के ऑपरेशन में सुविधा होगी। सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग की शुरूआत पिछले साल दिसंबर में की गई। आंबेडकर अस्पताल में 2010 से आंको सर्जन सेवाएं दे रहे हैं। वहां एमसीएच की तीन सीटों में भी पढ़ाई हो रही है। एमसीएच सीटों को पिछले साल मान्यता मिली है। पहले ही राउंड में तीनों सीटें पैक हो चुकी थीं। दरअसल सुपर स्पेशलिटी कोर्स में एमसीएच आंको सर्जरी टॉप में है।

एम्स की शुरुआत अगस्त 2014 में हुई थी। ब्रेस्ट कैंसर का इलाज जनरल सर्जन कर रहे हैं। वहीं ऑब्स एंड गायनी की डॉक्टर भी महिलाओं के कैंसर का ऑपरेशन कर रही हैं। एम्स के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग में डॉ. स्वर्णव चंदा ने असिस्टेंट प्रोफेसर के बतौर ज्वाइन किया है। वर्तमान में सोमवार, बुधवार और गुरुवार को ओपीडी में मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

जटिल कैंसर रोगों के इलाज में मदद मिलेगी

प्रबंधन का कहना है कि सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग मेडिकल आंकोलॉजी, रेडिएशन आंकोलॉजी, ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा जनरल सर्जरी विभागों के साथ समन्वय में कार्य करेगा। यह एकीकृत मॉडल सिर एवं गर्दन के कैंसर, स्तन कैंसर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर, स्त्रीरोग संबंधी कैंसर तथा सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर सहित जटिल कैंसर रोगों के इलाज में मदद मिलेगी। सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग की ओपीडी सेवाएं सी ब्लॉक की पहली मंजिल पर एंडोक्राइनोलॉजी ओपीडी क्षेत्र में शुरू की हैं।

फ्लोरोसेंट डाई तकनीक की मदद ली जाएगी

ऑपरेशन की सटीकता बढ़ाने और जटिलताओं को कम करने के लिए फ्लोरोसेंट डाई तकनीक द्वारा सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके अतिरिक्त उन्नत पेरिटोनियल सतह कैंसर के प्रबंधन हेतु हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (हाइपेक) जैसी विशेष तकनीक को लागू करने की भी योजना है। इसमें सर्जरी के साथ गरम कीमोथेरेपी दी जाती है। विभाग की कार्ययोजना में मिनिमली इनवेसिव थोरेसिक सर्जरी की शुरुआत भी शामिल है, जो कम आक्रामक और आधुनिक कैंसर शल्य विकल्पों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Published on:
21 Feb 2026 10:59 pm
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