
जयपुर से युवक का अपहरण (फोटो-एआई)
Kidnapping Case: आजाद चौक इलाके के अपहरणकांड के पीछे तंत्रमंत्र के जरिए 1 रुपए को खजाने से 15 रुपए बनाकर देने, प्रेतबाधा से असमय मौत का भय दिखाकर डराने और वसूली करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद से तांत्रिक जितेंद्र उर्फ जीत्तू पटेल अपने घर से फरार है। पुलिस ने कांकेर के नहरपुर में उसके निवास में छापा मारा। वह घर में नहीं मिला है। उसने अपना मोबाइल भी बंद कर दिया है। इधर तांत्रिक से पीडि़त ठेकेदार रविप्रकाश सोनकर ने जितेंद्र और उसके साथी जीवन यदु पर उसे फंसाने का आरोप लगाया है। साथ उसे डरा-धमकाकर करीब 85 लाख रुपए वसूले गए हैं।
हालांकि उसने डीसीपी वेस्ट को लिखित में शिकायत कर 90 लाख रुपए की वसूली का आरोप लगाया है। इसमें बताया है कि तांत्रिक जितेंद्र और उसके साथी जीवन ने साजिश के तहत उनके खिलाफ एफआईआर कराई है। प्रेतबाधा, असमय मौत का भय दिखायारवि प्रकाश ठेकेदारी का काम करता है। करीब डेढ़ साल पहले वह तांत्रिक जितेंद्र के संपर्क में आया। जितेंद्र ने उसे 1 रुपए देने पर उसे 15 रुपए करके लौटाने का झांसा दिया। इसके लालच में पड़कर रविप्रकाश ने उसे पैसा देना शुरू कर दिया। बीच-बीच में जितेंद्र उसे खजाना मिलने और प्रेतबाधा के चलते परिवार के सदस्यों या उसकी स्वयं की असमय मौत होने के नाम पर डराने लगा। उसे कई दिन तक वीडियो कॉल (डिजिटल अरेस्ट जैसा) में रहने के लिए कहता था।
इस तरह उसने रविप्रकाश से अपने अलग-अलग बैंक खातों में करीब 40 लाख रुपए जमा करवाए। 40 लाख से ज्यादा रकम नकद दी। इस तरह करीब 85 लाख रुपए जितेंद्र को दिए थे।मौत नहीं होने पर हुआ शकरविप्रकाश का दावा है कि तांत्रिक जितेंद्र उसे धमकाया था कि 25 लाख रुपए देकर तंत्रमंत्र से विशेष पूजा करवा लो। इससे असमय मौत टल जाएगी। रकम नहीं देने पर 14 फरवरी को मौत हो जाएगी, लेकिन 25 लाख का इंतजाम नहीं होने पर उसने रकम नहीं दी।
14 फरवरी का पूरा दिन उसने दशहत में गुजारा, लेकिन परिवार में और उसे स्वयं कुछ नहीं हुआ। इससे उसे धोखाधड़ी का शक हुआ। इसके बाद पूरी जानकारी उसने अपने भाइयों को दी, इसके बाद जितेंद्र से रकम वापस मांगने लगे। जितेंद्र को पकड़ा गया, तो वह झांसा देकर फरार हो गया। इसके बाद रविप्रकाश के भाइयों ने जितेंद्र के साथी जीवन और राकेश को पकड़कर पैसा मांगना शुरू कर दिया।
बंधक बनाकर रखने में पीड़ित भी बना आरोपी
पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया था कि रामकुंड में एक झोपड़ी में जीवन और राकेश को हरिओम सोनकर व उसके साथियों ने बंधक बनाकर रखा था। उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। आजादचौक थाना प्रभारी अजीत सिंह राजपूत ने अपने साथियों के साथ मौके पर छापा मारा। हरिओम सहित 6 बदमाशों को दो पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में रविप्रकाश की भी मिलीभगत बताया है। उसे भी आरोपी माना जा रहा है। उसकी भी तलाश की जा रही है।
वह अब तक पुलिस के सामने नहीं आया है। उसकी ओर से परिजनों ने डीसीपी वेस्ट कार्यालय में पूरे मामले की शिकायत की है।वर्जनमामले की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा। रविप्रकाश की लिखित शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है।- ईशु अग्रवाल, एसीपी, आजादचौक
Published on:
22 Feb 2026 12:23 am
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