
Raipur Murder Case: छत्तीसगढ़ के अभनपुर थाना क्षेत्र के मानिकचौरी में हुई हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का रायपुर ग्रामीण पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, महज पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए राहगीर को लूटने निकले आरोपियों ने पहले पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर उसे रोकने की कोशिश की। बाइक नहीं रोकने पर आरोपियों ने उसका पीछा किया और ओवरटेक कर रास्ते में रोक लिया।
मारपीट के दौरान विरोध करने पर साथ मौजूद विधि से संघर्षरत बालक ने धारदार चाकू से युवक पर कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मोबाइल और 1000 रुपये नकद लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में वेदप्रकाश ध्रुव उर्फ धुनु, छबी जांगड़े उर्फ धोंधी और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल धारदार चाकू सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर की रात वेदप्रकाश और छबी मानिकचौरी रेलवे फाटक के पास कृष्णा डेलीनीड्स के करीब शराब पी रहे थे। दोनों के पास खर्च के लिए पैसे नहीं थे। इसके बाद उन्होंने राहगीरों को लूटने की योजना बनाई। रात करीब 1 बजे दोनों मोटरसाइकिल से अभनपुर की ओर निकले। हसदा मोड़ के पास उन्हें एक बाइक सवार नजर आया। आरोपियों ने उसे रोकने के लिए पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाया, लेकिन बाइक सवार नहीं रुका।
बाइक सवार के नहीं रुकने पर आरोपियों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर ओवरटेक कर उसे रोक लिया। बातचीत के दौरान छबी जांगड़े ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। वेदप्रकाश भी मारपीट में शामिल हो गया। दोनों ने मिलकर युवक को पकड़ लिया। युवक ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ मौजूद विधि से संघर्षरत बालक ने धारदार चाकू निकाल लिया।
पुलिस के मुताबिक, विधि से संघर्षरत बालक ने युवक पर धारदार चाकू से कई वार किए। चाकू के हमले में गंभीर रूप से घायल युवक सड़क पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद तीनों आरोपी मृतक का मोबाइल और 1000 रुपये नकद लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर युवक मृत अवस्था में मिला, जबकि उसकी मोटरसाइकिल सड़क किनारे पड़ी थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को मर्च्यूरी में रखवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को तीन संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वारदात में उनकी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल धारदार चाकू और अन्य सामग्री बरामद की।
पुलिस के अनुसार, मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाला विधि से संघर्षरत बालक पहले भी कई अपराधों में संलिप्त रहा है। किशोर न्याय बोर्ड से जमानत मिलने के बाद वह बाल संप्रेक्षण गृह माना से बाहर आया था। पुलिस के मुताबिक, थाना राजिम के एक मामले में वह 12 अगस्त 2026 को ही बाहर आया था। इसके बाद वह लूट और हत्या समेत दो गंभीर अपराधों में संलिप्त पाया गया है।
पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 126(2), 309(4), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की है। दोनों बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में किशोर न्याय कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना जारी रखी है।