Raipur News: इस अवसर पर मुख्य अतिथि आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि गुरु बालकदास जी ने आत्मरक्षा के लिए अखाड़ा सिखाकर रावटी के माध्यम से समाज को उपदेश दिया।
Raipur News: राजधानी रायपुर में जय- जय सतनाम की जयघोष के साथ सतनामी समाज के लोगों ने गुरु घासीदास के द्वितीय सुपुत्र, महान प्रतापी राजा गुरु बालकदास की 223 वीं जयंती सोमवार को न्यू राजेंद्रनगर स्थित अकादमी भवन में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई। संयोजक व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.जे.आर. सोनी ने बताया कि गुरुजी के छायाचित्र की विशेष पूजा अर्चना कर मंगल आरती की गई तत्पश्चात उनके अनुकरणीय कार्यों को याद करते हुए उनके जीवन दर्शन पर बड़े पर्दे पर शीघ्र रिलीज होने वाली फिल्म "बलिदानी राजा गुरु बालकदास" में भूमिका निभाने वाले सभी पात्र कलाकारों को साल ,प्रतीक चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि गुरु बालकदास जी ने आत्मरक्षा के लिए अखाड़ा सिखाकर रावटी के माध्यम से समाज को उपदेश दिया। आज गांव-गांव में भंडारी, साटीदार,छडीदार, महंत, राजमहंत जैसे पद सृजित कर सामाजिक व्यवस्था को संगठित व सुव्यवस्थित बनाया वह गुरुजी की देन है उन्होंने इस अवसर पर फिल्म निर्माताओ की मांग पर उनकी समस्याओ के निदान के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
अध्यक्षता कर रहे हैं छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के.पी. खण्डे ने कहा कि अंग्रेज गवर्नर एग्नू ने सन् 1828 में गुरुजी की नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर उन्हें राजा की पदवी से नवाजा था इस दौरान उन्हें सोने का मुठ लगा तलवार तथा हाथी भेट किया था।इस दौरान उन्होंने समाज की विभिन्न समस्याओ की ओर विधायक गुरु खुशवंत साहेब का ध्यान आकृष्ट कराया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने गुरु बालकदास के व्यक्तित्व, कृतित्व तथा सामाजिक संदेश पर आधारित बनी फिल्म के टीजर, पोस्टर, टाईटल गाने को एलईडी. स्क्रीन पर विमोचित किया तत्पश्चात उपस्थित फिल्म निर्मातागण मोहन सुंदरानी, संतोष जैन, सतीश जैन, मनोज वर्मा व संतोष कुर्रे ने संगोष्ठी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी फिल्म की दशा व दिशा पर अपने विचार रखते हुए फिल्म सिटी,बजट, अनुदान, फिल्म निर्माण, चलन आदि में आ रही विभिन्न समस्याओं से अतिथियों को अवगत कराया।