छछानपैरी गांव के बहुचर्चित गोदावरी डहरिया मर्डर केस की गुत्थी अब जल्द सुलझने वाली है। पुलिस ने जल्द खुलासे के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि गोदावरी मर्डर कांड में कुछ बुनियादी सबूत हाथ लगे, जिसके बाद पांच लेयर की 35 सदस्यीय इन्वेस्टिगेशन टीम के एसआईटी मेंबरों को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया।
पूर्व विधायक की मां गोदावरी बाई की हत्या के पीछे करीबी का हाथ होने का अंदेशा जाहिर कर इन्वेस्टिगेशन टीम में सदस्यों की संख्या सीमित कर दी। केवल बुनियादी सबूतों पर ही फोकस किया जा रहा है। कुछ एक सबूत हाथ लगते ही केस का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। 10 जून की रात पूर्व विधायक के घर किसने हमला किया? इसका जवाब मिल सकेगा।
पत्रिका ने खुफिया इन्वेस्टिगेशन टीम की स्थिति का जायजा लिया। जब बुधवार को एक चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। केस की जांच कर रहे एक भरोसेमंद सूत्र ने स्पेशल दस्ते से तकरीबन 15 पुलिस अफसरों को वापस करने की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों की संबंधित थानों में वापसी होने के साथ ही ब्लाइंड केस में पुलिस को कुछ क्लू हाथ लगने के संकेत दिए।
1. 10 हजार से ज्यादा मोबाइल कॉल डिटेल की जांच पूरी की। नजदीकी लोगों के मोबाइल लोकेशन खंगाले।
2. छछानपैरी गांव में पुराने हिस्ट्रीशीटरों की फाइलें खंगालकर उनके बयान दर्ज। संदिग्ध मूवमेंट
3. आस पड़ोस में रहने वालों के साथ घर से जुड़े रिश्तेदारों के बयान लेकर तस्दीकी। 60 से ज्यादा
4. मृतका गोदावरी देवी के पीएम रिपोर्ट के आधार पर फॉरेंसिक रिपोर्ट का मिलान। कमरे में मिले फिंगरप्रिंट की जांच।
5. पूर्व विधायक शिव डहरिया के घर मिले सबूतों के आधार पर एक्सपर्ट रिपोर्ट व ओपिनियन। पूर्व विधायक का भी बयान।