उपभोक्ताओं में विश्वास का माहौल बनाने के लिए ये सर्कुलर जारी किया है
रायपुर . देशभर के बैंक खाता धारकों के लिए बड़ी खबर है। आपका अकाउंट किसी भी बैंक में हो सबसे पहले आपको केवाईसी फार्म भरना बेहद जरूरी है। अगर आप इसे भूल जाने की गलती करते हैं तो आपका अकाउंट सीज भी किया जा सकता है। RBI ने बैंकिंग सेवाओं के लिए अपने उपभोक्ताओं में विश्वास का माहौल बनाने के लिए ये सर्कुलर जारी किया है।
अगर आपने भी बैंक में जाकर अपना केवाईसी फॉर्म अभी तक जमा नहीं किया है तो आपका खाता सीज किया जा सकता है। RBI ने हाल ही में बीते शुक्रवार को देर रात जारी सर्कुलर में कहा कि आधार को अनिवार्य करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अनुरूप लागू होगा।
अभी तक केवाईसी गाइडलाइन के तहत निवास प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दस्तावेज, पैन और खाताधारक का नवीनतम फोटो लगाना होता है। लेकिन केवाईसी की संशोधित गाइडलाइन के संबंध में RBI ने कहा है कि ग्राहकों से आधार नंबर के साथ पैन या फॉर्म 60 लेना बैंक के लिए अनिवार्य होगा। उन सभी ग्राहकों को आधार देना अनिवार्य होगा जो इसके लिए आवेदन करने के पात्र हैं।
सूत्रों का कहना है कि इससे बैंकिंग सेवाओं के लिए विश्वास का माहौल बनेगा। आरबीआइ ने निवास और पहचान के प्रमाण के लिए दूसरे दस्तावेज लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। हालांकि जम्मू कश्मीर, असम और मेघालय के निवासियों के मामले में आधार या इसके लिए आवेदन करने का प्रमाण नहीं दिया जाता है तो बैंक केवाईसी के दूसरे दस्तावेज मांग सकते हैं। इन सरकारी दस्तावेजों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी, नरेगा का जॉब कार्ड और नेशनल पॉपूलेशन रजिस्टर का पत्र भी शामिल है।
रिजर्व बैंक का कहना है कि अनिवासी खाताधारकों से आधार नहीं मांगा जाएगा। ये लोग आधार में आवेदन करने के पात्र नहीं हैं। इन लोगों को पैन नंबर के साथ दूसरे दस्तावेज ही देने होंगे। इन दस्तावेजों में बिजली, पानी, टेलीफोन, पोस्टपेड मोबाइल के बिल, प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, पेंशन या फेमिली पेंशन ऑर्डर और सरकारी विभागों का आवासन आवंटन पत्र भी शामिल हो सकता है। RBI के अनुसार प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग (पीएमएल) रूल्स जून 2017 में हुए थे। इसी के तहत केवाईसी गाइडलाइन में बदलाव किया गया है।
खाता धारक टेंशन न लें
RBI ने केवाईसी को लेकर जो नया गाइडलाइन जारी किया है। इससे खाताधारकों को टेंशन लेने की जरूरत नहीं हैं। ये सिर्फ रूटिन जांच है। अगर किसी ने आधार नंबर के साथ पैन या फार्म 60 नहीं लिया है। वे आधार नंबर के साथ आसानी से फॉर्म भर सकते हैं। आरबीआई निश्चत रूप से अपने खाताधारकों में विश्वास जगाने के लिए नया गाइडलाइन जारी किया है।
शिरीष नालगुंडवार, जनरल सेकेट्री, बैंक कर्मचारी एसोसिएशन छत्तीसगढ़
निश्चत रूप से खाताधारकों को परेशानी होगी। क्योंकि जो अकाउंट होल्डर इनके दायरे में नहीं आते हैं। उन्हें फिर से बैंक के चक्कर कांटने पड़ेंगे। वैसे तो आपका अकाउंट रेगुलर है या नहीं इसके लिए हर साल फॉर्म 60 भरना अनिवार्य है।
महेश शर्मा, टैक्स सलाहकार