
Kharun Bridge: कुम्हारी स्थित खारुन नदी पर बने 40 साल पुराने ब्रिज की मरम्मत कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया गया। गुरुवार रात करीब 8:15 बजे से इस पुल पर वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई। इंजीनियरों के अनुसार मरम्मत के बाद ब्रिज की आयु लगभग 20 साल बढ़ गई है।
एक अप्रैल से शुरू हुआ मरम्मत कार्य तय समय सीमा में 15 दिन के भीतर पूरा कर लिया गया। करीब 200 मीटर लंबे इस ब्रिज को सुधार कर यातायात के लिए खोल दिया गया है। यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-53 (मुंबई-हावड़ा मार्ग) का हिस्सा है, जहां रोजाना लगभग 45 हजार वाहनों का दबाव रहता है। मरम्मत के दौरान ट्रैफिक डायवर्ट करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहा। रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला और दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में संयुक्त रणनीति बनाकर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया। पहले दिन करीब 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर यातायात को नियंत्रित किया गया।
ब्रिज के 18 एक्सपेंशन ज्वाइंट पूरी तरह खराब हो चुके थे, जिन्हें बदल दिया गया। इसके साथ ही पूरे पुल का डामरीकरण कर सुरक्षित आवागमन के लिए तैयार किया गया। ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर ने बताया कि 15 दिनों तक लगातार दिन-रात ड्यूटी कर मरम्मत कार्य बिना बाधा पूरा कराया गया।
एनएच के सब इंजीनियर जयंत वर्मा के अनुसार पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है, लेकिन रेलिंग मरम्मत, कैट साइन, रोड मार्किंग, पेंटिंग जैसे कार्य अगले 15 दिनों तक जारी रहेंगे। यह काम बिना ट्रैफिक प्रभावित किए पूरा किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक पुल के नीचे सभी पिलरों में 110 एमएम माइक्रो कंक्रीटीकरण किया गया है, जिससे पिलरों की मजबूती बढ़ ग। इसके अलावा एक्सपेंशन ज्वाइंट भरने का काम भी किया गया। मरम्मत कार्य के चलते पुल पर यातायात प्रतिबंधित था। हजारों लोगों को डायवर्जन मार्ग से गुजरना पड़ रहा था। लेकिन अब लोगों को राहत मिल गई है। विभाग ने तय समय से पहले काम पूरा कर लिया है। रायपुर-दुर्ग मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया है ।
टाटीबंध-रायपुरा तक तैनात रहे जवान-एक अप्रैल से खारुन नदी के नये पुल की मरम्मत का काम शुरू किया गया था। हालांकि 31 मार्च को आधी रात के बाद से भारी वाहनों की आवाजाही इस पुल पर बंद की गई। छोटे वाहनों को कुम्हारी की ओर से दूसरे पुल से लाया जा रहा था, मतलब एक खुले नये पुल से दोनों ओर का ट्रैफिक चलता रहा। नीचे स्थित लघु पुल का उपयोग भी रायपुर से दुर्ग जाने के लिए करने दिया जा रहा था। रायपुर की ओर व्यवस्था बनाए रखने टाटीबंध चौक, रायपुरा ब्रिज के आसपास और सिलतरा बाईपास पर भी जवान तैनात किए जाते रहे।