रायपुर

आयुष्मान योजना में बढ़ा खर्च! 7 साल में 3.37 गुना ज्यादा कैशलेस इलाज, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

Ayushman Bharat Scheme: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की राशि में बड़ा उछाल देखने को मिला है। पिछले सात वर्षों में कैशलेस इलाज का खर्च 3.37 गुना बढ़कर 693 करोड़ से कई गुना अधिक हो गया है, जिससे आंकड़ों पर सवाल उठने लगे हैं।

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Apr 17, 2026
आयुष्मान योजना में बढ़ा खर्च! 7 साल में 3.37 गुना ज्यादा कैशलेस इलाज, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता(photo-patrika)

Ayushman Bharat Scheme: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना (शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना) के तहत बीपीएल-एपीएल मरीजों का बंपर इलाज जारी है। सात साल पहले की तुलना में 3.37 गुना ज्यादा राशि का इलाज किया गया। 2029-20 में 693 करोड़ का इलाज किया गया।

जबकि पिछले साल यानी 2024-25 में 2336.83 करोड़ का इलाज किया गया। तब 16 लाख 64 हजार 660 क्लेम सरकारी व निजी अस्पतालों ने किया। यह 2023-24 की तुलना में 183.83 करोड़ रुपए ज्यादा है। वहीं क्लेम भी 98 हजार 897 ज्यादा रहा। 2023-24 में 2153 करोड़ रुपए का इलाज व 15 लाख 65 हजार 763 क्लेम किया गया था।

Ayushman Bharat Scheme: क्लेम में जबरदस्त उछाल

2019-20 में क्लेम की संख्या भी महज 8.22 लाख थी। पिछले साल का क्लेम सात साल पहले की तुलना में दोगुना है और भुगतान 3 गुना से ज्यादा। बड़ा सवाल है कि आखिर साल दर साल इतने क्लेम कैसे बढ़ते जा रहे हैं। क्या मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि क्लेम की संख्या दोगुना तक बढ़ गई?

क्या बीमारियां बढ़ गई या एक ही बीमारी के लिए बार-बार क्लेम किया गया? ये ऐसे सवाल है, जिसका जवाब जानना जरूरी है। गौर करने वाली बात ये भी है कि वर्ष 2025-26 में जनवरी तक 2214 करोड़ का इलाज हो चुका है। क्लेम 14.79 लाख है।

सात साल में क्लेम इस तरह

  • वर्ष कुल क्लेम सरकारी प्रतिशत प्राइवेट प्रतिशत
  • 2025-26 1479340 जनवरी 2026 तक
  • 2024-25 1664660 - -
  • 2023-24 1565763 1092502 70 473261 30
  • 2022-23 1294562 883524 68 411038 32
  • 2021-22 848216 509863 60 338353 40
  • 2020-21 442113 243982 55 198131 45
  • 2019-20 822657 255216 31 567441 69

सात साल में क्लेम की राशि करोड़ में

  • वर्ष कुल राशि सरकारी प्रतिशत प्राइवेट प्रतिशत
  • 2025-26 2214 जनवरी 2026 तक
  • 2024-25 2337 - -
  • 2023-24 2153 809 38 1344 62
  • 2022-23 1424 586 41 838 59
  • 2021-22 865 302 35 563 65
  • 2020-21 417 142 34 275 66
  • 2019-20 693 164 24 529 76

पांच साल में आयुष्मान भारत एक नजर में

  • 2002 करोड़ सरकारी अस्पतालों को भुगतान
  • 2985087 सरकारी अस्पतालों में क्लेम
  • 3549 करोड़ निजी अस्पतालों को भुगतान
  • 1988224 निजी अस्पतालों में कुल क्लेम-
  • ये आंकड़े 2019-20 से 2023-24 तक के हैं।

कोरोनाकाल में सबसे कम 417 करोड़ रुपए का इलाज

2020-21 में सबसे कम 4 लाख 42 हजार 1113 क्लेम किया गया। इसमें 417 करोड़ रुपए का इलाज किया गया। यह कोरोनाकाल था। पिछले 7 साल में क्लेम व भुगतान में ये सबसे कम है। वहीं, 2021-22 में 8 लाख 48 हजार 216 क्लेम के एवज में 865 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।

2025-26 में कुल 2400 करोड़ रुपए से ज्यादा इलाज होने की संभावना है। ये भी पिछले साल की तुलना में 63 करोड़ रुपए से ज्यादा होगा। साल दर साल कैशलेस इलाज की राशि बढऩा कई संदेह को जन्म दे रहा है।

इस तरह की गड़बड़ी आ चुकी है निजी अस्पतालों में

  • अनावश्यक रूप से अधिक राशि वाले पैकेज ब्लॉक करना।
  • ओपीडी के मरीजों को भर्ती दिखाकर फर्जी क्लेम करना।
  • अस्पताल में बिना मरीज भर्ती हुए पैकेज ब्लॉक करना।
  • बिना विशेषज्ञ व सुविधा के ही संबंधित पैकेज ब्लॉक।
  • अनावश्यक रूप से आईसीयू के पैकेज ब्लॉक करना।
  • पैकेज के अलावा मरीजों से अतिरिक्त नगद राशि लेना।

पैकेज तो बढ़ा ही नहीं, इलाज की राशि निरंतर कैसे बढ़ रही

पिछले कई सालों से किसी भी बीमारी का पैकेज नहीं बढ़ा है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि इलाज की राशि निरंतर कैसे बढ़ती जा रही है। पत्रिका ने जानकरों से बात की तो पता चला कि इसमें बड़ा गड़बझाला की आशंका है। अगर स्वास्थ्य विभाग क्लेम की बारीकी से जांच करे तो कई गड़बडय़िां सामने आएंगी।

प्रदेश के 1026 सरकारी व 553 निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत बीपीएल परिवार का सालाना 5 लाख व एपीएल परिवार का 50 हजार तक सालाना इलाज हो रहा है। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि निजी अस्पताल स्थापना खर्च व इंप्लांट महंगा होने का हवाला देकर मरीजों से अतिरिक्त शुल्क ले रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा की पिछले दो साल में आयुष्मान भारत योजना में 4551 करोड़ रुपए का कैशलेस इलाज किया गया है। हमारी मंशा है कि योजना के तहत शत-प्रतिशत लोगों का इलाज हो। 90 फीसदी राशन कार्डधारियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है। योजना में अनियमितता बरतने वाले 34 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

Published on:
17 Apr 2026 01:11 pm
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