कोरोना के चलते पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए सरकार ने पढ़ई तुंहर द्वार पोर्टल शुरू किया है। अब इसे सफल बनाने का जिम्मा टीचर्स पर है क्योंकि जब तक वे सहज तौर पर बच्चों की क्लास लेंगे पोर्टल की सार्थकता पूरी नहीं होगी। पीजी उमाठे गल्र्स मिडिल स्कूल शांति नगर की टीचर रीता मंडल को लीडर अवॉर्ड से नवाजा गया। रीता ने अब तक 400 ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेस ली है। वे पीपीटी के जरिए गणित पढ़ा रही हैं।
रायपुर. रीता ने बताया, हम उस वक्त से ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं जब सरकार ने मेंडेटरी नहीं किया था। मेरी क्लास में बच्चे कम आते थे। इसके पीछे कारण उनका यूजर फ्रेंडली नहीं होना था। मेरे स्कूल के आसपास 5 वार्ड हैं। मैंने हरेक वार्ड से लीडर बना दिया। इसका फायदा ये हुआ कि वे बच्चे जब अपने दोस्तों से इंटरेक्ट होते तो क्लास की चर्चा करते। इस तरह वे भी क्लास ज्वाइन करने लगे और आज स्थिति ये है कि मेरे स्कूल के अलावा दूसरे जिले के बच्चे भी कक्षा से जुडऩे लगे। हफ्ते में 3 क्लास होती है जिसमें 60 से 70 बच्चे जुड़ते हैं। इसके अलावा अपने स्कूल के बच्चों के लिए अलग से क्लास लेती हूं।
पोर्टल में डाले हैं ऑडियो, ब्लूटूथ से करते हैं ट्रांसफर
रीता के कई ऑडियो एससीईआरटी ने पोर्टल में पोस्ट किया है। इसमें बीजीय व्यंजक, समानांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल, त्रिभुज का क्षेत्रफल, बेलन का आयतन, बेलन का वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल एवं सम्पूर्ण पृष्ठिय क्षेत्रफल। इसे मोहल्ला क्लास में भी ब्लूटूथ के जरिये बच्चों को ट्रांसफर किया जाता है।