
World Organ Donation Day 2026: विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर अंगदान को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में FM Tadka के लोकप्रिय रेडियो जॉकी RJ नरेंद्र की पहल लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। रेडियो और मीडिया के माध्यम से लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने वाले RJ नरेंद्र ने अपने जीवन के बाद भी दूसरों की जिंदगी में उम्मीद कायम रखने का संकल्प लिया है। उन्होंने 1 अगस्त 2025 को अंगदान का संकल्प लेते हुए यह संदेश दिया कि मृत्यु जीवन का अंत जरूर है, लेकिन अंगदान के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति के लिए नई जिंदगी की शुरुआत की जा सकती है।
RJ नरेंद्र का कहना है कि उन्होंने अंगदान का संकल्प किसी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि इस सोच के साथ लिया कि उनके जाने के बाद भी उनके अंग किसी जरूरतमंद के काम आ सकें। उनका उद्देश्य है कि उनके अंगों के माध्यम से कम से कम आठ लोगों को जिंदगी जीने और मुस्कुराने का नया अवसर मिल सके।
RJ नरेंद्र कहते हैं, “मैं चाहता हूँ कि मेरे जाने के बाद भी मेरा कोई हिस्सा किसी की जिंदगी में सांस बनकर रहे। अगर मेरे अंग किसी जरूरतमंद को जीवन जीने का मौका दे सकें और किसी परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकें, तो इससे बड़ी बात मेरे लिए कुछ नहीं होगी।” उनका मानना है कि हम अपनी जिंदगी में कई तरह के सपने पूरे करने और अपने परिवार के लिए बहुत कुछ करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अंगदान ऐसा संकल्प है, जिसका लाभ व्यक्ति के जाने के बाद भी किसी दूसरे परिवार तक पहुंच सकता है। यही सोच उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित करती है।
RJ नरेंद्र ने बताया कि अंगदान का यह संकल्प उन्होंने छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दधीचि’ से जुड़े जनजागरूकता अभियान के दौरान लिया था। उनके अनुसार, यह अभियान लोगों को अंगदान के महत्व को समझाने और इस मानवीय पहल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
इसी कड़ी में माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहे जनजागरूकता अभियान और माननीय कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन व आग्रह पर RJ नरेंद्र ने 1 अगस्त 2025 को अंगदान का संकल्प लिया। उनका कहना है कि इस तरह की पहल केवल एक व्यक्ति के संकल्प तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुंचना चाहिए।
रेडियो और मीडिया के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय RJ नरेंद्र अपने कार्यक्रमों के जरिए लोगों से सीधे जुड़ते रहे हैं। मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक विषयों पर चर्चा और जनजागरूकता फैलाना भी उनके काम का हिस्सा रहा है। अंगदान जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय को लेकर भी वे लोगों से खुलकर बात करने और इसके बारे में सही जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उनका मानना है कि अंगदान को लेकर समाज में अभी भी कई तरह की भ्रांतियां और संकोच मौजूद हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग इस विषय पर चुप रहने के बजाय अपने परिवार के साथ चर्चा करें और अंगदान से जुड़े नियमों, प्रक्रिया और महत्व के बारे में सही जानकारी प्राप्त करें।
अंगदान के प्रति RJ नरेंद्र की इस पहल को सम्मान भी मिला। इसी कड़ी में उन्हें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा सम्मानित किया गया। RJ नरेंद्र के लिए यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि वे इसे अंगदान के संदेश को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं।
उनका कहना है कि किसी सामाजिक पहल से जुड़ने के बाद उसकी जानकारी और सकारात्मक संदेश दूसरों तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। यही वजह है कि वे अपने रेडियो कार्यक्रमों और व्यक्तिगत संवाद के माध्यम से लोगों को अंगदान के लिए जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं।
RJ नरेंद्र कहते हैं, “हम अपनी जिंदगी में बहुत कुछ अपने लिए करते हैं, लेकिन अंगदान ऐसा संकल्प है जिसमें हमारे जाने के बाद भी किसी और की जिंदगी आगे बढ़ सकती है। मैं चाहता हूं कि लोग इस विषय पर अपने परिवार के साथ बात करें और अंगदान के महत्व को समझें।” उनके मुताबिक, अंगदान को लेकर निर्णय लेने से पहले परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करना बेहद जरूरी है। इससे परिवार को व्यक्ति की इच्छा के बारे में जानकारी रहती है और जरूरत के समय उस निर्णय को समझना आसान होता है।
विश्व अंगदान दिवस के मौके पर RJ नरेंद्र ने लोगों को भावुक करने वाला संदेश दिया। उन्होंने कहा, “जिंदगी का आखिरी अध्याय हमारे लिए अंत हो सकता है, लेकिन किसी और के लिए वहीं से जिंदगी की एक नई शुरुआत हो सकती है।” उनका यह संदेश अंगदान की मूल भावना को सामने रखता है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के जीवन का अंत होने के बाद उसके अंग यदि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में मदद कर सकें, तो इससे बड़ा मानवीय योगदान शायद ही कोई हो।
RJ नरेंद्र ने लोगों से अपील की कि वे अंगदान के बारे में केवल सोशल मीडिया या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें, बल्कि अधिकृत और विश्वसनीय स्रोतों से सही जानकारी प्राप्त करें। साथ ही अपने परिवार के सदस्यों से इस विषय पर खुलकर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि अंगदान का संकल्प एक ऐसा मानवीय फैसला है, जिसके जरिए व्यक्ति अपने जीवन के बाद भी समाज के लिए योगदान दे सकता है। जरूरत इस बात की है कि अंगदान को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़े और ज्यादा से ज्यादा लोग इसके महत्व को समझें। एक संकल्प… जो हमारे बाद भी किसी की जिंदगी में उम्मीद बनकर जिंदा रह सकता है।