रायपुर

कैंसर में रोबोटिक सर्जरी एडवांस तकनीक, 360 डिग्री एंगल में हो रहा ऑपरेशन, कांफ्रेंस में 500 से ज्यादा डॉक्टर जुटे

रायपुर। रोबोटिक सर्जरी ने आंको सर्जरी की दिशा ही बदल दी है। अब ऐसा कोई केस नहीं है, जो रोबोट न हो पाए। ओपन व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी से मरीज जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं और संक्रमण की आशंका नहीं के बराबर है। इससे मरीजों को अस्पताल से जल्दी डिस्चार्ज भी किया जा रहा है।

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Feb 08, 2026

रायपुर। कैंसर सर्जरी में रोबोट एडवांस तकनीक है, जिससे 360 डिग्री एंगल में मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। इससे गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिल रही है। रोबोटिक सर्जरी ने आंको सर्जरी की दिशा ही बदल दी है। अब ऐसा कोई केस नहीं है, जो रोबोट न हो पाए। ओपन व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी से मरीज जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं और संक्रमण की आशंका नहीं के बराबर है। इससे मरीजों को अस्पताल से जल्दी डिस्चार्ज भी किया जा रहा है।

राजधानी के एक होटल में आंको सर्जन की नेशनल कांफ्रेंस शनिवार को हुई। इसमें देशभर से 500 से ज्यादा डॉक्टर शामिल हुए। इनमें 200 डॉक्टर विभिन्न राज्यों के हैं। यही नहीं सिंगापुर व दक्षिण कोरिया के तीन सीनियर डॉक्टर शामिल हुए। छत्तीसगढ़ आंकोलॉजी एसोसिएशन, क्षेत्रीय कैंसर संस्थान आंबेडकर अस्पताल एवं संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी का राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन रविवार को होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह कांफ्रेंस छत्तीसगढ़ सहित पूरे मध्य भारत के लिए कैंसर उपचार एवं सर्जिकल आंकोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन माना जा रहा है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल आंकोलॉजी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुब्रमणेश्वर राव एवं महासचिव डॉ. नरेंद्र होलिकल शामिल हो रहे हैं।

सिंगापुर के डॉक्टर ने गेस्ट्रिक कैंसर की एडवांस तकनीक की जानकारी दी

कांफ्रेंस में सिंगापुर से एक तथा दो दक्षिण कोरिया से आए हुए वरिष्ठ कैंसर सर्जन हैं। सिंगापुर से आए अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कैंसर सर्जन डॉ. जिमी सो ने गेस्ट्रिक कैंसर के आधुनिक उपचार एवं शल्य चिकित्सा प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही नवीन तकनीकों और उपचार पद्धतियों की जानकारी साझा की।

वहीं दक्षिण कोरिया से आए वरिष्ठ कैंसर सर्जन प्रोफेसर ह्ये-जिन किम ने रेक्टल कैंसर में लैटरल पेल्विक लिम्फ नोड डिसेक्शन, कब और कैसे, तथा कोलोरेक्टल कैंसर में फ्लोरेसेंस गाइडेड सर्जरी व्याख्यान दिया। दक्षिण कोरिया के ही प्रोफेसर सिउंग हो सॉन्ग ने रेक्टल कैंसर सर्जरी के बाद जटिलताओं के जोखिम का मशीन लर्निंग आधारित मूल्यांकन एवं कोलोरेक्टल कैंसर में लैप्रोस्कोपिक बनाम रोबोटिक सहायक सर्जरी (कोलरार अध्ययन) जैसे उन्नत विषयों पर वैज्ञानिक सत्रों को संबोधित किया।

प्रदेश के सीनियर कैंसर सर्जन निभा रहे मुख्य भूमिका

नेशनल कांफ्रेंस में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. यूसुफ मेमन, डॉ. माउ राय, डॉ. आशुतोष गुप्ता एवं डॉ. अमित वर्मा की प्रमुख भूमिका है। इन वरिष्ठ चिकित्सकों ने वैज्ञानिक सत्रों, पैनल चर्चाओं एवं अकादमिक संवाद के माध्यम से आधुनिक कैंसर सर्जरी, नवीन जांच विधियों एवं बहुविषयक उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा किए। शैक्षणिक संरचना को सुदृढ़ बनाने में डॉ. जसवंत जैन, डॉ. श्रवण नाडकर्णी, डॉ. अर्पण चतुर्मुहता, डॉ. विवेक पटेल एवं डॉ. विकास अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। है। कांफ्रेंस में कैंसर की नवीन जांच तकनीकों, न्यूनतम चीरा आधारित एवं रोबोटिक शल्य चिकित्सा, तथा बहुविषयक कैंसर इलाज पर विशेष चर्चा की गई।

Published on:
08 Feb 2026 01:04 am
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