राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) नवंबर में छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं, जिसे लेकर संघ द्वारा हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
रायपुर. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) नवंबर में छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं, जिसे लेकर संघ द्वारा हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। यह आयोजन रायपुर-बिलासपुर रोड स्थित मदकू द्वीप में होगा। इस स्थान के चयन के पीछे संघ का तर्क है कि संघ की पहल पर भाजपा शासनकाल में इस द्वीप की खुदाई हुई थी, जहां पर मंदिर निकले थे।
19 नवंबर को यहीं पर भागवत समाज प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। किन-किन समाजों के प्रमुखों को न्यौता भेजा जाएगा, अभी इसकी सूची तैयार की जा रही है। आमंत्रण पत्र भी छपवाए जाएंगे। मगर, जब राज्य में धर्मांतरण का मुद्दा गरमाया हुआ है। भाजपा इसे लेकर सरकार पर हमलवार है। संभव है कि इस मुद्दे को लेकर गहन चर्चा हो।
'पत्रिका' से बातचीत में संघ पदाधिकारियों ने बताया कि भागवत पूरे देश के प्रमुख शहरों में जा-जाकर समाज के लोगों से चर्चा कर रहे हैं। यह दौरा भी इसी का हिस्सा है। पदाधिकारियों के अनुसार यह पूरी तरह से आरएसएस का कार्यक्रम है। इसमें सामाजिक संस्थानों के लोगों को ही बुलाया जाएगा। ताकि समाज के लोगों से सद्भाव पर चर्चा हो। विचारों का अदान-प्रदान हो। इस कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी आमंत्रित नहीं होंगे। संघ के भी प्रमुख-प्रमुख पदाधिकारियों को बुलाया जाएगा। मगर, समाज प्रमुखों से 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी।
ग्रामीणों को बुलाया जाएगा- भागवत के इस कार्यक्रम में मदकू द्वीप के 30 किमी के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। कई गांवों में संघ कार्यकर्ता निमंत्रण दे भी चुके हैं। उधर, रायपुर और बिलासपुर की शाखाओं द्वारा घोष (आरएसएस का बैंड) का प्रदर्शन भी होगा।