दीपावली के समय पटाका बेचने वाले व्यपारियों को बारुद रखने का निश्चित अनुपात दिया गया है।
कवर्धा. छत्तीसगढ़ के पूरे जिले में दीपावली के समय पटाका बेचने वाले व्यपारियों को बारुद रखने का निश्चित अनुपात दिया गया है। लेकिन हर वर्ष यहां अधिक मात्रा में बारुद रखते हैं। इस पर अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाते।कवर्धा नगर में जिले का सबसे बड़ा पटाका दुकान लगाया जाता है।
इस वर्ष 60 व्यपारियों के पास अस्थाई पटाका लाईसेंस हैं। इस व्यापारियों को लाईसेंस बनाते समय फार्म पर भरा जाता है, जिसमें स्पष्ट रहता है कि वे 14 किलो बारुद से अधिक न रखे। लेकिन इसके बाद भी व्यापारी 25 किलो से अधिक का बारुद रखते हैं। वहीं अधिकारियों के कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अधिक मात्रा में पटाका व बारुद रखा जाता है। वहीं व्यापारी भी इस नियम का दरकिनार करते हुए मनमाने पटाका रखते हैं।
सरदार पटेल मैदान में पटाका दुकान लगाए जाने की तैयारी चल रही है। छह दिन बात पटाका दुकान खुल जाएंगे, लेकिन दीपावली पर्व के एक दिन पहले ही विभाग के अधिकारी पटाका दुकानों का निरीक्षण किया जाता है जहां केवल दुकानदारों का लाईसेंस देखकर वापस हो जाता है। जबकि दुकानदार कई नियम की धज्जियां उड़ाते हैं।
अस्थाई फटाखा व्यपारियों को लगभग 14 किलो तक बारुद रखने के लिए कहा जाता है। लेकिन व्यापारी अधिक मात्रा में पटाका रखते हैं। कई दर्जन बम से लेकर अनारदाना तक रखा जाता है, जिसमें अधिक मात्रा में बारुद रखते हैं। इसी जानकारी विभाग के अधिकारियों को भी होती है। लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की जाती है। अधिकतर व्यापारियों के पास 25 किलो तक बारुद रहता है।