
IPL 2026 में बड़ा बवाल! रायपुर मैच से पहले टिकट कालाबाजारी के आरोपों से मचा हड़कंप, RCB स्पॉन्सर पर मनमानी का आरोप(photo-patrika)
IPL 2026: छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित होने जा रहे IPL 2026 मुकाबलों को लेकर अब विवाद गहराता नजर आ रहा है। टिकट वितरण, पास आवंटन और कथित कालाबाजारी को लेकर आयोजनकर्ताओं और स्पॉन्सर कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि आयोजन से जुड़े कुछ अधिकारियों और स्पॉन्सर कंपनियों को मनमानी तरीके से स्टेडियम में विज्ञापन, टिकट वितरण और पास बांटने की खुली छूट दे दी गई है।
जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे मामले में IPL आयोजन से जुड़े स्पॉन्सर और प्रबंधन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्रिकेट प्रेमियों की उपेक्षा करने के आरोप भी सामने आए हैं।
जानकारी के मुताबिक IPL मैचों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू होते ही अधिकांश टिकट “सोल्ड आउट” दिखने लगे। इसके बाद टिकटों की कथित ब्लैक मार्केटिंग की चर्चाएं तेज हो गईं। आरोप है कि बड़ी संख्या में टिकट चुनिंदा लोगों और अधिकारियों के बीच बांटे गए, जबकि आम क्रिकेट प्रेमियों को टिकट नहीं मिल पा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार मैच टिकटों की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है। सोशल मीडिया और निजी नेटवर्क के जरिए टिकट ऊंची कीमतों पर बेचे जाने की बातें सामने आ रही हैं। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि आयोजन से जुड़े कुछ नियुक्त अधिकारियों की निगरानी में टिकटों का अनियमित वितरण किया गया।
मामले को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ शासन ने IPL आयोजन के लिए स्टेडियम, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।इसके बावजूद आयोजन से होने वाली बड़ी कमाई का लाभ बाहरी कंपनियों और प्रायोजकों को मिलने की बात कही जा रही है। राज्य सरकार को संभावित करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि कुछ चुनिंदा IAS और IPS अधिकारियों को बड़ी संख्या में मुफ्त पास दिए गए, जबकि कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं को पर्याप्त पास नहीं मिले। इसको लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी नाराजगी की चर्चा है।
रायपुर में IPL मैच होने को लेकर क्रिकेट फैंस में भारी उत्साह था, लेकिन टिकट नहीं मिलने और कालाबाजारी की खबरों ने नाराजगी बढ़ा दी है। कई लोगों का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू होते ही सीटें खत्म हो गईं, जबकि बाद में ऊंचे दामों पर टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आरोपों में कहा गया है कि RCB से जुड़े स्पॉन्सर और प्रबंधन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की उपेक्षा की है। हालांकि इन आरोपों को लेकर संबंधित आयोजकों या स्पॉन्सर की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले में यह दावा भी किया जा रहा है कि पहले RCB का मुकाबला बैंगलोर में आयोजित होना था, लेकिन वहां भी टिकट और प्रबंधन को लेकर विवाद सामने आए थे। अब रायपुर में मैच आयोजन के दौरान भी टिकट वितरण और पास व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामले के सामने आने के बाद क्रिकेट प्रेमियों और कुछ सामाजिक संगठनों ने टिकट वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि राज्य सरकार सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है तो स्थानीय दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
फिलहाल इस पूरे मामले में आयोजन समिति, स्पॉन्सर कंपनी और प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं टिकट कालाबाजारी के आरोपों को लेकर भी जांच की मांग उठने लगी है।
Updated on:
08 May 2026 05:03 pm
Published on:
08 May 2026 05:03 pm
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