
रायपुर . संजीवनी कर्मियों ने कुछ शर्तों के साथ अपने विरोध को छोड़ कार्य पर वापस लौटने का फैसला लिया है। कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष ने पत्रिका से चर्चा के दौरान बताया कि वे कुछ सामान्य सी शर्तों के साथ शुक्रवार को अपना विरोध स्थगित करने पर विचार कर रहे हैं। जिसमें 5 फीसदी की वेतन वृद्धि सहित शासन द्वारा पुनर्निविदा प्रक्रिया को जल्द पूरा करने जैसी सामान्य सी शर्तें शामिल हैं।
वहीं बुधवार को संचालक कंपनी(जीवीके) ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर कर्मियों को 13 अप्रैल सुबह 8 बजे तक कार्य पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है। एेसा न होने की स्थिति में अनुपस्थित कर्मियों की सेवाएं पूर्णतया समाप्त कर दी जाएंगी। कर्मियों द्वारा पिछले 5 अप्रैल से लगातार न्यूनतम मानदेय सहित कई मांगों को लेकर विरोध किया जा रहा है, इस विरोध को श्रम विभाग ने भी अवैधानिक करार देते हुए कार्य पर वापस लौटने के निर्देश कर्मियों को दिए थे।
यह शर्तें हैं शामिल : जनवरी 2018 से 5 फीसदी वेतनवृद्धि, हड़ताल के दौरान राशि लीव एडजस्टमेंट के तहत देने,रिटेंडरिंग प्रक्रिया मई-जून तक पूर्ण करने,भविष्य में निविदा कंपनी द्वारा न्यूनतम मानदेय,कंपनी कोई भी हो पुराने कर्मियों को प्राथमिकता जैसी शर्ते रखी गई हैं। कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष ने बताया कि वे अपनी शर्तें कंपनी और शासन के बीच रखेंगे।
उनके माध्यम से यदि शर्तें मान ली जाती हैं, तो वे शुक्रवार से अपना विरोध खत्म कर वापस से अपने कार्यक्षेत्र में लौट जाएंगे। साथ ही संघ इस संदर्भ में शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर इसकी सूचना कंपनी, शासन और आम जनता को देगा।
कर्मियों के विरोध में जाने के बाद से ही रोजाना कंपनी और शासन की ओर से बैठकें आयोजित कर कर्मियों को मनाने की कोशिश की जा रही थी। जिसमें आपात सेवाओं को ध्यान में रखते हुए शासन और कंपनी ने कर्मियों को समझाने का प्रयास किया। जिसके बाद संघ ने गुरुवार को यह अहम फैसला लिया।
संजीवनी कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेंद्र राठौर ने कहा कि हम कुछ शर्तों के साथ अपना विरोध खत्म कर कार्य पर लौटने को तैयार हैं। इसके लिए शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर सभी को हम इसकी सूचना देंगे।