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रायपुर. विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए उनके परिजनों से पहली से १२वीं क्लास तक की पूरी फीस करीब डेढ़ लाख रुपए बताकर एकमुश्त वसूलने और करीब 60 करोड़ का घोटाला करने वाले डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल के संचालक राजेश शर्मा और उसकी पत्नी उमा को बुधवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा उसेंडी की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी राजेश को सात दिन की पुलिस रिमांड और उमा को जेल भेज दिया। पुलिस की विशेष टीम ने दोनों को मंगलवार को करीब छह साल बाद हैदराबाद से गिरफ्तार किया था।
यह दंपती वर्ष 2011 से फरार रहा। दोनों ने मिलकर प्रदेश में 40 हायर सेकंडरी स्कूल खोले थे और प्रवेश के नाम पर अभिभावकों को झांसा देकर फीस वसूलकर भाग गए थे। सूत्रों के मुताबिक राजेश स्कूल की आड़ में रसूखदारों और नेताओं के कालेधन को ठिकाने लगाने का काम कर रहा था। इसमें नुकसान होने के कारण उसे रायपुर से भागना पड़ा। अदालत से बाहर आने के बाद राजेश ने पत्रकारों से कहा, उसने अधिक ब्याज पर लाखों रुपए कर्ज ले लिए थे। नुकसान होने के बाद कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया। इसी कारण उसे शहर छोडऩा पड़ा। अब कंगाल हो चुका हूं।
स्कूल का पैसा फिल्मों में लगाया
राजेश वर्ष 2005 तक स्थानीय स्कूल में टीचर रहा। इसके बाद उसने 2007 में डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल शुरू की। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक के बाद एक 40 स्कूल शुरू किए। बच्चों के प्रवेश से मिली राशि को एमसीएक्स, फिल्म और अन्य मद में लगाया। इसमें उसे भारी नुकसान हुआ। इसके बाद वह स्कूल संचालन से पीछे हट गया।
स्कूल स्टाफ, अखबार कर्मियों का नहीं दिया पैसा
राजेश के 40 स्कूलों में उसने 150 से अधिक स्टाफ, 8 बसों में ड्राइवर-कंडक्टर रखे थे। किसी को तीन-चार माह से सैलरी नहीं दी थी। इसके अलावा एक अखबार भी शुरू किया था। इसमें काम करने वाले कर्मचारियों को भी वेतन नहीं दिया था।
शिक्षण समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर फर्जी
राजेश ने पत्नी के साथ मिलकर डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल शुरू करने से पहले इसी नाम से शिक्षण समिति बनाई। इसमें उसका **** योगेश शर्मा व उसकी पत्नी रूपा, ससुर मनोहर शर्मा भी शामिल रहे। शेष दो अन्य लोगों का पता नहीं चल पाया है। सभी सदस्यों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। विशेष अनुसंधान सेल इसकी जांच कर रही है। हैदराबाद में राजेश व उसकी पत्नी से फर्जी आधार कार्ड, पैनकार्ड बरामद किए गए हैं। इनमें राजेश का नाम भगत देघराम और पत्नी का भगत लाजवंती लिखा हुआ है। दोनों हैदराबाद के एक स्कूल में पढ़ा रहे थे और वहीं स्टाफ क्वार्टर में रह रहे थे।
प्रॉपर्टी बेचकर पीडि़तों का लौटाएंगे पैसा
राजेश की गिरफ्तारी के बाद रायपुर और अन्य जिलों में उसकी संपत्ति की जांच हो रही है। शुरुआती जांच में नवापारा-राजिम में उसकी जमीन होने का पता चला है। पुलिस का कहना है, आरोपी की जमीनों को कब्जे में लेकर पीडि़तों को राशि वापस दिलाने की कोशिश होगी।
55 करोड़ 40 लाख की ठगी की शिकायत
राजेश के खिलाफ पहली एफआईआर समता कॉलोनी स्थित स्कूल के पालक चंदा जैन ने कराई। इसके बाद गोबरा-नवापारा, पाटन सहित ९ जिलों में उनकी और पत्नी सुधा के खिलाफ कुल 55 करोड़ 40 लाख 50 हजार रुपए ठगी की एफआईआर दर्ज की गई है।