BSc Nursing Paper Leak Case: आयुष विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएससी नर्सिंग सेकंड ईयर का पेपर व्हॉटसऐप ग्रुप में सर्कुलेट हुआ था। एक छात्र ने 17 अगस्त को सोशियोलॉजी (पहला पेपर) के पेपर के बाद इसकी शिकायत अपने शिक्षक से की थी।
रायपुर. BSc Nursing Paper Leak Case: आयुष विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएससी नर्सिंग सेकंड ईयर का पेपर व्हॉटसऐप ग्रुप में सर्कुलेट हुआ था। एक छात्र ने 17 अगस्त को सोशियोलॉजी (पहला पेपर) के पेपर के बाद इसकी शिकायत अपने शिक्षक से की थी। उन्होंने इसकी सूचना केंद्र अधीक्षक को दी और वहां से विश्वविद्यालय तक पहुंची। मगर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
इसी दिन जगदलपुर के एक छात्र संघ पदाधिकारी ने भी जब पेपर लीक होने की जानकारी दी, तब विवि हरकत में आया। आनन-फानन में 20 अगस्त को होने वाले सेकंड ईयर के पेपर के पहले सभी 20 केंद्रों में आब्जर्वर भेजे गए। इन्होंने पाया कि लीक हुआ पेपर हु-ब-हू बंडल में भी था। इसके बाद परीक्षा रद्द की गई।
सूत्रों के मुताबिक पेपर लीक करने के बाद उसे 4-5 हजार रुपयों में छात्रों को बेचा गया। हालांकि इसकी अभी तक कहीं से पुष्टि नहीं हुई है। उधर, विवि के कुलपति डॉ. अशोक चंद्राकर का कहना है कि सोमवार को इस प्रकरण की जांच शुरू होगी। बंडलों की जांच में चीजें स्पष्ट होंगी।
एफआईआर करवाएगा विवि प्रशासन
विवि प्रशासन पहले अपने स्तर पर जांच करेगा। अगर, वह पेपर लीक करने वाले तक पहुंच गया तो ठीक वरना इस मामले की एफआईआर भी दर्ज करवाने की तैयारी है। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
परीक्षा नहीं देना चाहते थे हजारों छात्र
हजारों छात्र परीक्षा आयोजित करवाने की विरोध में थे। इसे लेकर उन्होंने आंदोलन किया, स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने भी निकले थे। इनका कहना था कि ऑनलाइन परीक्षा ली जाए। ऐसे में विवि के अधिकारियों ने छात्रों पर भी इस घटना का संदेह जताया है।
पेपर लीक होने की यहां से संभावनाएं
1- केंद्रों से जहां विवि ने अप्रैल में ही पेपर भेज दिए थे।
2- प्रिटिंग प्रेस से, जहां छपाई हुई होगी।
3- विवि की गोपनीय शाखा, जहां पेपर सेट होता है और वितरित होता है।