
EV चार्जिंग स्टेशन (फोटो सोर्स- iStock)
रायपुर @संतराम साहू। PM E-Drive Scheme: पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत प्रदेश के शहरों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए नगरीय निकायों से जगहों की जानकारी देने को कहा गया है। स्थलों की जानकारी आने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद निगम के प्रस्तावित जगहों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
विभाग द्वारा यह पहल केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत की जा रही है, जिसके माध्यम से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक चार्जिंग अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार नगर निगम क्षेत्रों में दोपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लगभग 25 से 30 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन अथवा चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए निगमों को ऐसे स्थलों का चयन करने कहा गया है जहां पर्याप्त पार्किंग सुविधा, बिजली कनेक्शन की उपलब्धता तथा आम लोगों की आसान पहुंच सुनिश्चित हो।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चार्जिंग स्टेशन के लिए सार्वजनिक और सुगम स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें पार्किंग स्थल, बस स्टैंड, बाजार क्षेत्र, अस्पताल परिसर तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थान शामिल हो सकते हैं। साथ ही सरकारी अथवा नगर निगम स्वामित्व वाली भूमि को प्राथमिकता देने को कहा गया है, ताकि भूमि अधिग्रहण जैसी बाधाएं सामने न आएं।
चार्जिंग स्टेशन के लिए प्रत्येक स्थल पर कम से कम 800 वर्गफुट भूमि उपलब्ध होना आवश्यक होगा। इसके अलावा चयनित स्थल का पूरा पता, अक्षांश-देशांतर और न्यूनतम दो फोटोग्राफ भी प्रस्ताव के साथ भेजने होंगे।
जानकारी के अनुसार योजना के तहत स्थापित होने वाले प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन की न्यूनतम कुल क्षमता 144 किलोवाट (केवी) निर्धारित की गई है। इससे एक साथ कई वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिल सकेगी और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्याप्त क्षमता उपलब्ध रहेगी।
चार्जिंग स्टेशन निर्माण में केंद्र सरकार बड़ी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। नगर निगम श्रेणी ‘बी’ के अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले चार्जिंग स्टेशनों के लिए विद्युत अधोसंरचना (अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर) लागत का 80 प्रतिशत तथा चार्जिंग मशीन एवं उपकरणों की लागत का 70 प्रतिशत तक अनुदान भारत सरकार द्वारा दिए जाएंगे। शेष राशि की व्यवस्था संबंधित नगर निगमों को करनी होगी। इसके लिए निगमों को जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर उपलब्ध वित्तीय स्रोतों से आवश्यक धनराशि सुनिश्चित करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में चार्जिंग सुविधाओं की कमी ईवी अपनाने में बड़ी चुनौती मानी जाती है। नई योजना लागू होने के बाद रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, जगदलपुर, अंबिकापुर सहित अन्य शहरी क्षेत्रों में ईवी उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
Updated on:
03 Jun 2026 07:51 am
Published on:
03 Jun 2026 07:18 am
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