CG News: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी तेज कर दी है। मंत्रियों से चर्चाओं का दौर खत्म हो गया है।
CG News: छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी तेज कर दी है। मंत्रियों से चर्चाओं का दौर खत्म हो गया है। अब वित्त विभाग बजट को अंतिम रूप देने में जुटा है। सरकार मार्च के प्रथम सप्ताह में अपना बजट पेश कर सकती है। इन सबके बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेश हुए बजट की कई घोषणाओं को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सकता है। हालांकि इनमें से कई योजनाओं पर काम चल रहा है। अधिकारियों की मानें तो कई योजना जमीन पर जल्द दिखाई देगी।
बजट में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आधुनिक कॉल सेंटर की स्थापना की बात कहीं गई थी। इसके लिए बजट में 22 करोड़ रुपए का भी प्रावधान किया गया था। यह कॉल सेंटर अभी शुरू नहीं हो सका है। हालांकि इस पर काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले दिनों इसके जल्द शुरू होने की बात कहीं थीं।
बजट में रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सुविधा के लिए सर्वे करने की बात सामने आई थी। इसके लिए बजट में 5 करोड़ रुपए का रखा गया था। सर्वे की घोषणा इससे पहले भी होती रही है, लेकिन इस पर कई साल बीतने के बाद भी कोई खास काम नहीं हो सका है। इसी प्रकार नेशनल कैपिटल रीजन की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन बनाने की बात सामने आई थी।
इसके लिए भी बजट में राशि रखी गई है। इस पर लगातार काम चल रहा है, लेकिन इसका गठन नहीं हो सका है। इसके लिए वित्त विभाग ने सेटअप को भी मंजूरी दे दी है, लेकिन अभी तक नियुक्ति के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
छत्तीसगढ़ में अब तक जिलों की अलग से जीडीपी की गणना नहीं की जाती थी। इसे ध्यान में रखते हुए बजट में जिला स्तर पर तकनीक का प्रयोग करते हुए जीडीपी का मूल्यांकन करने के लिए सांख्यिकीय विश्लेषण प्रणाली तैयार करनी थी। इसके लिए बजट में 7 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस पर भी काम चल रहा है।
संतान दंपतियों के लिए आईवीएफ तकनीक एक बड़ी उम्मीद बन कर उभरी है, लेकिन इसके महंगा होने की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर दंपती इसका लाभ नहीं ले पाते। बजट में इस अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा का प्रदेश के नि:संतान दंपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के स्त्रीरोग विभाग में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी केन्द्र स्थापित करने की घोषणा हुई। इसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान भी रखा गया था। अभी इसमें प्रस्ताव मंगाया गया है। यानी इसके शुरू होने में अभी लंबा समय लगेगा।
बजट में राज्य में प्रवासी सम्मेलन कराने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह सम्मेलन अभी तक नहीं हो सका है। इसके अलावा कई फिजियोथैरेपी कॉलेजों, सरोना में 100 बिस्तरों को अस्पताल बनाने जैसी अन्य घोषणाएं हुई थीं। यह पूरी नहीं हो सकी है। हालांकि निर्माण से जुड़े अधिकांश मामलों में काम शुरू हो गया है।