महिलाएं धूमधाम से बारात का स्वागत कर शादी की पूरी रश्में निभाई
रायपुर. छत्तीसगढ़ के इस गांव में 30 साल बाद फिर से आषाढ़ माह में शादी की शहनाई गुंजी है। शुभ मुहूर्त में हुए इस शादी में 20 गांव के हजारों लोग बारात में शामिल हुए। महिलाएं धूमधाम से बारात का स्वागत कर शादी की पूरी रश्में निभाई और झूमते हुए कई पारंपरिक लोक गीत भी गाएं। इस दौरान गांव का माहौल ऐसा था कि सभी लोग शादी की खुशी से झूम उठे। आपको बता दें कि यह शादी आराध्य देव भीमा और भीमाइन देवी का हुआ है।
इसलिए 30 साल बाद फिर से हुई शादी
छत्तीसगढ़ के किसान फिर से मानसून के रूठने से इस बार परोशान दिख रहे हैं। ऐसे में जब सिहावा क्षेत्र में बादल नहीं बरस रहे हैं। पिछले साल भी यहां सूखा पड़ा था। इस साल अच्छी बारिश और फसल की कामना को लेकर 20 गांव के हजारों ग्रामीणों ने परंपरागत ढंग से आराध्य देव भीमा और भीमाइन देवी का विवाह कराया। धमतरी जिले के सिहावा-नगरी अंचल में उत्साह के माहौल में आदिवासियों के आराध्य देव भीमा और भीमाइन देवी का विवाह हुआ। करीब 30 साल के अंतराल के बाद हुए इस विवाह समारोह में शामिल होने के लिए सुबह से ही आसपास के 20 गांवों के लोग सिहावा में एकजुट हुए थे।
अच्छी बारिश की कामना करते हुए भीमा देव और भीमाइन देवी का विवाह कराया
यहां सरई लकड़ी का भव्य मंडप सजाया गया और इसके बाद आदिवासी रीति-रिवाज से विवाह की रस्में शुरू हुई। इसके बाद देव पुजारी राजकुमार निषाद, ज्ञान सागर, हरिक लाल नायक, भूनसा कश्यप आदि की अगुवाई में अच्छी बारिश की कामना करते हुए भीमा देव और भीमाइन देवी का विवाह कराया गया।
बाजे-गाजे के साथ निकाली बारात
बाकायदा बाजे-गाजे के साथ धूमधाम से भीमा देव की बारात निकाली गई। बारात के आगे-आगे महिलाएं बस्तर गीत और रिलो गीत में झूमकर नाच रही थी। इस अवसर पर बाबा मुरली, नरेन्द्र पटेल, रोहित पटेल, विजय निषाद, नारायण पटेल, कुंवर सिंह पटेल, राजेश यदु, मेहत्तर, ह्रदय भंडारी समेत बड़ी संख्या में लोग इस समारोह में शामिल हुए।
...तो होती है अच्छी बारिश
सदियों से क्षेत्रवासियों की यह मान्यता रही है कि आराध्य भीमा देव और भीमाईन देवी का विवाह परंपरागत ढंग से करा दिया जाए, तो इसके बाद अच्छी बारिश होती है और किसान धन धान्य से परिपूर्ण होते है।
हजारों लोग बने साक्षी
उल्लेखनीय है कि आदिवासी परम्परा के अनुसार भीमा देव और भीमाइन देवी पति-पत्नी है। भीमा देव का सिहावा नदी के उस पार और भीमाइन देवी का सिहावा थाना के पास देव स्थल है। जब क्षेत्र में अल्प वर्षा होती है, तब इंद्र देवता को खुश करने क्षेत्र के 5 पाली के लोग इक_ा होते हैं।
रक्षक देव है भीमा
ग्राम प्रमुख अंजोर राम निषाद, बलदेव सिंह निषाद, कलम सिंह पवार, कैलाश पवार, देवेन्द्र मिश्रा ने बताया कि भीमा देव नगरी-सिहावा वनांचल के रक्षक देव है। क्षेत्रवासियों की इन पर गहरी आस्था है। यही कारण है कि जब भी यहां कोई तीज-त्यौहार या शुभ कार्य होता हैं तो सबसे पहले भीमा देव से अर्जी-विनती की जाती हैं।