
महासमुंद. बागबाहरा विकासखंड के प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के बच्चे इन दिनों गांव के दो युवकों के कारनामे से सहमे हुए हैं। इसकी जानकारी छात्रावास अधीक्षक को होने के बाद भी दोनों युवकों पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। हद तो तब हो गई, जब सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के पत्र के बावजूद मामले को नजर अंदाज कर दिया। इधर दोनों युवकों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण छात्रावास के बच्चे भयभीत हैं। अधीक्षक की लापरवाही से अप्रिय घटना घट सकती है।
प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास चौकीदार गिरवर सिंह ठाकुर ने 10 नवंबर को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग महासमुंद को लिखित सूचना देते हुए अवगत कराया कि 4 नवंबर की शाम छात्रावास खम्हरिया में रात 9 बजे गांव के दो युवक छात्रावास का दीवार फांदकर परिसर में घुस गए और बच्चों को डर-धमका कर खिड़की पर डंडे से वार कर बच्चों को नींद से उठाने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों छात्रावास के अंदर जाकर बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त भी किया। इधर सहायक आयुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अधीक्षक को 13 नवंबर को इन दोनों युवकों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र प्रेषित किया है।
नहीं हुआ मामला दर्ज
13 नवंबर को सहायक आयुक्त द्वारा एफआईआर कराने के निर्देश मिलने के बाद भी छात्रावास अधीक्षक द्वारा इन दोनों युवकों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। छात्रावास के अधीक्षक की लापरवाही के चलते छात्रावास में अप्रिय घटना घट सकती है। बहरहाल छात्रावास के बच्चे दहशत में हैं।