रायपुर

महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र में हंगामा, CM साय ने तत्काल लागू करने की मांग उठाई

CG News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर सत्ता और विपक्ष में तीखी बहस हुई, CM विष्णु देव साय ने इसे तत्काल लागू करने की मांग उठाई।

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Apr 30, 2026
महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र में हंगामा, CM साय ने तत्काल लागू करने की मांग उठाई(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में शासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश करते हुए महिला आरक्षण बिल को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग उठाई, जिससे सदन का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया।

CG News: चर्चा के लिए तय हुआ समय, विपक्ष का विरोध

आसंदी द्वारा इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 4 घंटे का समय निर्धारित किया गया। मुख्यमंत्री के प्रस्ताव के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अशासकीय संकल्प प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया। इस फैसले के विरोध में विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

विपक्ष के आरोप, सरकार पर गुमराह करने का दावा

विपक्ष ने कड़े शब्दों में आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर सत्ता पक्ष राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि सरकार सदन के भीतर और बाहर महिलाओं को गुमराह कर रही है और वास्तविक स्थिति को स्पष्ट नहीं कर रही।

इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की, सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूरे विषय पर पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब की मांग की।

सत्ता पक्ष का पलटवार, विपक्ष पर लगाए आरोप

चर्चा के दौरान लता उसेंडी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर बाधा उत्पन्न करने का काम विपक्ष ने ही किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में भी विपक्ष ने इस बिल को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया और महिलाओं की भावनाओं की अनदेखी की।

सदन में टकराव से बढ़ा सियासी तापमान

महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने विधानसभा का माहौल पूरी तरह गरमा दिया। पूरे सत्र के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और जोरदार बहस का दौर चलता रहा, जिससे सदन की कार्यवाही कई बार बाधित भी हुई।

यह मुद्दा केवल सदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों और आम जनचर्चा में भी तेजी से उभरकर सामने आया है। आने वाले समय में महिला आरक्षण का विषय प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है, जिस पर विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति और राजनीतिक रुख के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं।

Published on:
30 Apr 2026 01:33 pm
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