रायपुर

Arang News : आरंग में उद्योग के लिए जमीन देने पर भड़के ग्रामीण, उग्र आंदोलन की चेतावनी, वतन चंद्राकर ने कलेक्टर को लिखा पत्र

Arang News: कलेक्टर को कड़े लहजे में पत्र लिखकर आगाह किया है कि यदि जनभावनाओं के विपरीत जाकर जमीन का आवंटन किया गया, तो समूचा क्षेत्र उग्र आंदोलन की राह पर होगा।

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Apr 02, 2026

Arang News: रायपुर जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रसनी में शासकीय भूमि को औद्योगिक प्रयोजन हेतु हस्तांतरित करने की तैयारी ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग द्वारा गांव की बेशकीमती 22 हेक्टेयर 56 एकड़ जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिशों के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है।

इस मामले में जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चन्द्राकर ने कलेक्टर को कड़े लहजे में पत्र लिखकर आगाह किया है कि यदि जनभावनाओं के विपरीत जाकर जमीन का आवंटन किया गया, तो समूचा क्षेत्र उग्र आंदोलन की राह पर होगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी। दरअसल, यह पूरा विवाद तब गहराया जब मुख्य महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की मांग पर तहसीलदार आरंग ने ग्राम पंचायत रसनी से 13 अलग-अलग खसरा नंबरों की कुल 56 एकड़ जमीन को लेकर अभिमत मांगा। जैसे ही यह खबर गांव तक पहुंची, ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा।

ग्राम पंचायत के सरपंच नंद कुमार चन्द्राकर,उपसरपंच पारस चन्द्राकर और सभी पंचों ने तत्काल बैठक बुलाकर शासन के इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन को प्रशासन उद्योगों को बांटने पर आमादा है, वह गांव की 'लाइफलाइन' है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि खसरा नंबर 15, 16, 17 सहित कुल 13 खसरों में फैली यह जमीन गांव के भविष्य के लिए आरक्षित है।

इस भूमि का उपयोग वर्तमान में बहुउद्देश्यीय खेल मैदान, धान खरीदी केंद्र और पशुओं के लिए चारागाह के रूप में किया जा रहा है। इसके अलावा, बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य में रिहायशी जमीन की जरूरत और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए वृक्षारोपण को भी इसी भूमि पर सुरक्षित रखा गया है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि वे अपनी खेल की जमीन और चारागाह की बलि देकर यहां कारखानों की चिमनियों को स्थापित होने नहीं देंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने इस विरोध की गूंज शासन के गलियारों तक पहुंचा दी है। पत्र की प्रतियां क्षेत्रीय विधायक व मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व एवम आपदा प्रबन्धन मंत्री टंक राम वर्मा, उद्योग एवम व्यापार मंत्री लखन लाल देवांगन सहित राजस्व के सभी अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को भी भेजी गई हैं।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनहित को तवज्जो देता है या औद्योगिक दबाव में ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करता है। फिलहाल, रसनी के इस विरोध ने आरंग के सियासी पारे को गरमा दिया है।

Updated on:
02 Apr 2026 12:43 pm
Published on:
02 Apr 2026 12:41 pm
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