
आईएस अमित कटारिया के नाम पर पैसों की डिमांड ( Photo - Patrika )
IAS Amit Kataria: पीलूराम साहू. क्या प्रदेश के निजी अस्पतालों से उगाही चल रही है? स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के पत्र से ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं। दरअसल कटारिया ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कॉल कर निजी अस्पतालों से पैसे मांगने वाले अजय अग्रवाल नामक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने कहा है। इस व्यक्ति ने निजी स्थापना के नाम पर दुर्ग-बिलासपुर के 5 अस्पतालों को कॉल किया है। यही नहीं, अस्पताल संचालकों को मंत्रालय बुलाकर भ्रमित भी किया जा रहा है।
कटारिया के पत्र के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की निजी स्थापना के नाम पर एक अज्ञात व्यक्ति, जो स्वयं को अजय अग्रवाल बताता है (मोबाइल नंबर 9336118197 एवं 7652094640) निजी अस्पतालों के संचालकों को फाेन कर रहा है। अस्पताल के खिलाफ कथित शिकायत का हवाला देते हुए और मामले को खत्म करने के लिए मानसिक दबाव बनाता है। साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से पैसे की डिमांड भी करता है।
कटारिया ने पत्र में स्पष्ट किया है कि मंत्रालय स्थित स्वास्थ्य विभाग या निजी स्थापना में उक्त नाम का कोई व्यक्ति कार्यरत नहीं है। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि संबंधित अज्ञात व्यक्ति मेरे नाम एवं पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है। साथ ही इस प्रकार की गतिविधियों से विभाग एवं मेरी व्यक्तिगत छवि को भी क्षति पहुंचा रहे हैं।
एएम अस्पताल चरौदा भिलाई के संचालक मनोज पोपटानी, गंगोत्री अस्पताल दुर्ग के संचालक डॉ. ओम प्रकाश कराडे ने कटारिया से लिखित शिकायत की थी। ऐसी ही शिकायतें एसआर अस्पताल भिलाई, आरबी अस्पताल बिलासपुर तथा हाइटेक अस्पताल भिलाई ने की है। पत्र में इसे एक संगठित एवं व्यापक स्तर पर की जा रही धोखाधड़ी का मामला बताया गया है। दूसरी ओर निजी अस्पतालों के कुछ संचालकों ने पत्रिका से बातचीत में कहा है कि ऐसे फोन कई अस्पताल संचालकाें को गए हैं। इनमें 5 लोगों ने ही शिकायतें की है।
निजी अस्पतालों को आयुष्मान का एंपैनलमेंट और भुगतान करने के अलावा फायर का एनओसी दिलाने के लिए ऐसे ठग घूम रहे हैं। पत्रिका पहले ही यह खुलासा कर चुका है कि आयुष्मान का भुगतान करने वाली स्टेट नोडल एजेंसी एसएनए में भी कुछ अधिकारी अस्पताल विशेष को भुगतान कर रहे थे। इसके एवज में मोटा कमीशन लिए जाने की चर्चा थी। इस मामले में एक महिला अधिकारी को भी बर्खास्त किया गया था। उनके पति का स्वयं का निजी अस्पताल भी चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ही महिला अधिकारी की सेवाएं समाप्त की गई थीं।
Updated on:
2 Apr 2026, 12:17 PM IST
Published on:
2 Apr 2026, 12:17 PM IST
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