भीषण गर्मी के चलते (Due to the scorching heat) रायपुर शहरवासियों (residents of Raipur ) को पानी की ज्यादा जरूरत (need more water) है। इसकी पर्याप्त व्यवस्था की बजाय नगर निगम (Municipal Corporation ) ने सरकारी नलों से पानी आने का समय ही घटा दिया है। पहले एक-सवा घंटा चलने वाले नल अब कहीं 15 मिनट, तो कहीं 30 मिनट में ही बंद हो जा रहे हैं।
समय कम कर देने से लोग पीने का पानी भी सही ढंग से नहीं भर पा रहे हैं, जबकि रायपुर शहर के लिए गंगरेल से पर्याप्त पानी मिल रहा है। इसके बावजूद नगर निगम घरों में लगे नलों को पूरा टाइम चलने नहीं दे रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के 20 से 25 वार्डों में यह स्थिति है।
नगर निगम ने नलों का टाइम घटा दिया है, तो दूसरी ओर कई रसूखदार अपने घरों में मोटर पंप लगाकर नल का पानी खींच रहे हैं। नगर निगम इनकी जांच नहीं करता और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। मोटर लगाकर पानी खींचने से दूसरे के नलों में पानी की धार और कम हो जाती है।
नगर निगम जलसंकट को देखते हुए 50 टैंकर किराए पर चलवा रहा है। हालांकि ये टैंकर भी रसूखदारों के मोहल्लों में ज्यादा चल रहे हैं। बाकी शहरवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मोटी रकम खर्च कर निजी टैंकर वालों से पानी से खरीदना पड़ रहा है।
सड्ढू, परसुलीडीह, मोवा, फाफाडीह आदि इलाकों में लोगों के घरों में बहुत कम पानी आ रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी शहर में पानी को लेकर भारी परेशानी हुई थी। कई मोहल्ले वालों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद नगर निगम ने इसमें सुधार नहीं किया। इस साल फिर वही समस्या है। लोगों को पीने के पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।